श्रावस्ती के गिलौला में बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश और मिशन वात्सल्य कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण चौपाल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य जिले को बाल विवाह और बाल श्रम से मुक्त बनाना था। इस चौपाल में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके समग्र विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से बाल श्रम उन्मूलन तथा 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और समिति सदस्यों ने निर्णय लिया कि ग्राम स्तर पर विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में लगे बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में बीओसीडब्ल्यू योजना के तहत श्रमिक परिवारों के लिए ई-श्रम कार्ड बनवाने पर भी बल दिया गया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही, बाल विवाह की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने और मैरिज व माइग्रेशन रजिस्टर में समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान ग्राम में एक जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसमें बैनर और पोस्टर के माध्यम से बाल श्रम और बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ, विशेष किशोर पुलिस इकाई, मिशन शक्ति टीम, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री, एएनएम, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से अभिषेक, देहात इंडिया से युसूफ व संतोष तथा महिला कल्याण विभाग के प्रतिनिधि सुरेश कुमार ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ग्राम को बाल श्रम एवं बाल विवाह मुक्त बनाने तथा हर बच्चे को शिक्षा और सुरक्षित बचपन दिलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
श्रावस्ती को बाल श्रम-बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प:ग्राम स्तरीय समिति की चौपाल में बच्चों के अधिकारों पर चर्चा, तेज हुई मुहिम
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












