संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद क्षेत्र के मोतीनगर मोहल्ले में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा ख़ान द्वारा अवैध रूप से बनाए गए मदरसे के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार को शुरू हुई। कमिश्नर बस्ती के कुल्लियातुल बनातिर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी की निगरानी याचिका खारिज किए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया। एडीएम और एएसपी के नेतृत्व में पहुंची भारी संख्या में पुलिस और 05 अलग-अलग विभागों की टीम ने दो पोकलेन एवं छह जेसीबी मशीनों की मदद से 25-30 कमरों वाले भवन को गिराने का काम शुरू कर दिया है।
कमिश्नर ने खारिज की निगरानी याचिका, भारी फोर्स की मौजूदगी में प्रशासन की चल रही कार्रवाई
मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमसुल हुदा खान ने वर्ष 2013 में ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर वर्ष 2017 में सोसायटी के माध्यम से मदरसे का संचालन शुरू किया था। वर्ष 2018 में गाटा संख्या 154 में 640 वर्ग मीटर भूमि को बिना अनुमति के ख़रीद कर उस पर भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति का आवेदन किया था, लेकिन जांच में इससे अधिक क्षेत्र में निर्माण पाया गया। संशोधित मानचित्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, परंतु सोसायटी ने इसका पालन नहीं किया। शिकायत के बाद विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों की जांच में निर्माण में अनियमितताएं सामने आईं। नोटिस जारी होने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश ने बताया कि एसडीएम सदर की जांच में भवन निर्माण को अवैध घोषित करते हुए भूमि को राजस्व संहिता के तहत राज्य सरकार में निहित कर दिया गया।इसके बाद 3 नवंबर 2025 को सोसायटी ने पुनः मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किया। जिसे नियमों के विपरीत पाए जाने पर खारिज कर दिया गया। वहीं, एसडीएम खलीलाबाद/विनियमित प्राधिकारी ने बिना स्वीकृति निर्माण को अवैध मानते हुए 13 जनवरी को ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ मौलाना शमसुल हुदा ख़ान ने अधिवक्ता के माध्यम से डीएम और बाद में कमिश्नर बस्ती के यहां निगरानी अपील दायर की गई थी। जबकि, डीएम आलोक कुमार ने पहले ही उसे खारिज कर दिया था। वहीं, अब कमिश्नर बस्ती ने 24 अप्रैल को जारी आदेश में मौलाना की निगरानी अपील को बलहीन मानते हुए खारिज किया है। कमिश्नर बस्ती के आदेश के बाद रविवार को डीएम आलोक कुमार ने अलग-अलग विभागों की 05 टीमें गठित कर ध्वस्त कराने का निर्देश दिया। प्रशासनिक अमला ने भारी पुलिस बल के साथ सुबह नौ बजे मोतीनगर मुहल्ला में पहुंचकर अवैध मदरसा के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बस्ती और सिद्धार्थनगर से भी बुलाई गई पुलिस
खलीलाबाद के मोती नगर मोहल्ले में स्थित ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के कुल्लियातुल बनातिर रजविया वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के मदरसे को जिला प्रशासन की मौजूदगी में रविवार को ध्वस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है । ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा की व्यवस्था की है। एडीएम जयप्रकाश और एएसपी सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन थानाध्यक्ष कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दूबे, बखिरा थानाध्यक्ष सतीश सिंह, दुधारा एसओ अरविंद शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि, दो इंस्पेक्टर बस्ती, एक इंस्पेक्टर सिद्धार्थ नगर से बुलाए गए हैं। आठ सब इंस्पेक्टर संतकबीर नगर, 05 -05 सब इंस्पेक्टर बस्ती और सिद्धार्थ नगर से लगाए गए हैं। एक महिला सब इंस्पेक्टर बस्ती की तैनाती की गई है। इनके अलावा जिले से 40 हेड कांस्टेबल/ कांस्टेबल और बस्ती एवं सिद्धार्थ नगर जिले से 25-25 हेड कांस्टेबल/ कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। वहीं, जिले से 10 महिला कांस्टेबल और तीन होमगार्ड/पीआरडी, पांच क्यूआरटी और एक टेंडर फायर लगाए गए हैं। संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय व कोतवाल जयप्रकाश दूबे को सौंपी गई है। इनके अलावा एसडीएम खलीलाबाद हृदय राम त्रिपाठी, एसडीएम मेंहदावल अरुण कुमार, तहसीलदार खलीलाबाद आनंद ओझा, ईओ नगर पालिका खलीलाबाद अवधेश भारती, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण मिश्र व राजस्व कर्मी भी निगरानी में लगे हुए हैं।
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दो दिन तक चल सकती है कार्रवाई
प्रशासन ने 42.4 फुट चौड़ा और 162.8 फुट लंबाई में निर्मित मदरसे के 25-30 कमरों और करीब 50 पिलर्स के ध्वस्तीकरण के लिए छह जेसीबी मशीनें और दो पोकलेन लगाई हैं। बताया जा रहा है कि इस मकान के निर्माण में करीब साढ़े चार -05 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मौके पर कुल 6 बुलडोजर लगाए गए हैं। मदरसे के पिलरों में लगी मोटी सरिया के कारण काम के दौरान दो बुलडोजर के ब्लेड टूट गए, जबकि एक बुलडोजर खराब हो गया, लेकिन इनमें से फिलहाल केवल 3 ही काम कर पा रहे हैं। इसके अलावा दो पोकलैंड मशीन भी ध्वस्तीकरण में जुटी है। बाकी मशीनों में आई दिक्कतों के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हुई है। भवन का आकार बड़ा होने के कारण इसे पूरी तरह गिराने में दो दिन का समय लग सकता है। मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से जारी है।
शिकायतकर्ता अब्दुल हकीम के प्रार्थना पत्र पर शुरू हुई थी जांच
वर्ष 2024 में गांव निवासी अब्दुल हकीम ने उक्त मदरसे के अवैध निर्माण की शिकायत एसडीएम कोर्ट में दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के बाद नवंबर 2025 में एसडीएम कोर्ट ने निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया और मदरसा प्रबंधन को 15 दिन का समय दिया था। इसके बाद मदरसा प्रबंधन ने जिलाधिकारी (डीएम) के समक्ष याचिका दाखिल की, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली और याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद मामला बस्ती मंडल के कमिश्नर के पास पहुंचा, जहां 25 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कमिश्नर ने भी एसडीएम कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।
एटीएस जांच में मौलाना का पाकिस्तान कनेक्शन उजागर, संदिग्ध फंडिंग व नेटवर्क की खुली परतें
मौलाना शमसुल हुदा खान के खिलाफ एटीएस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह 2007 से संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय था और इस्लामी प्रचार के नाम पर पाकिस्तान के शहरों में जाकर वहां के संगठनों से संपर्क रखता था। भारत में उसके रिश्ते जम्मू-कश्मीर के कुछ अलगाववादी तत्वों से भी पाए गए हैं। ‘दावते इस्लाम’ के नाम पर प्रतिबंधित गतिविधियों के संचालन और विदेश से मिली फंडिंग को छिपाने के आरोप भी लगे हैं। खलीलाबाद में संचालित उसके गर्ल्स मदरसे को प्रशासन 2024 व 2025 में सील कर चुका है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
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