तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने यह प्रस्ताव इसलिए दिया है, क्योंकि दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की पाकिस्तान यात्रा रद्द करने के बाद भी अमेरिका अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया है। दरअसल, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के पास सभी विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में ईरान को जब भी बात करना हो तो वह सीधे फोन कर सकता है। इस बीच ईरान ने भी बिना परमाणु समझौते के होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का एक प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा, “अगर वे (ईरान) बात करना चाहते हैं तो वे हमारे पास आ सकते हैं या हमें फोन कर सकते हैं। हम लोगों को 18 घंटे की यात्रा करके मिलने के लिए नहीं भेज रहे हैं।” ट्रंप ने यह भी कहा, “जैसे-जैसे फोन पर बातचीत के जरिए भविष्य में प्रगति होगी, पाकिस्तान इसमें शामिल रहेगा।” उन्होंने कहा, “वे इसमें शामिल रहेंगे लेकिन हम यह फोन पर करेंगे।” ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर अपने पुराने रुख को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा, “उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। ऐसे में मुलाकात का कोई मतलब नहीं है।”
ईरान ने अमेरिका को भेजा प्रस्ताव
ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल देगा बशर्ते अमेरिका इस पर नाकेबंदी खत्म कर दे और युद्ध समाप्त किया जाए। ईरान ने यह भी सुझाव दिया है कि उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बड़े मुद्दे पर बातचीत बाद के चरण में की जाएगी। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना कम ही है और इससे वे मतभेद अनसुलझे ही रह जाएंगे जिनके कारण 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव जारी
अमेरिका और ईरान जलडमरूमध्य को लेकर आमने-सामने हैं, जिसके जरिये युद्ध से पहले तेल और गैस का महत्वपूर्ण व्यापार होता था। अमेरिकी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान को अपना तेल बेचने से रोकना है, जिससे उसे महत्वपूर्ण राजस्व से वंचित किया जा सके और साथ ही ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सके जहां तेहरान को उत्पादन बंद करना पड़े क्योंकि उसके पास तेल भंडारण के लिए कोई जगह नहीं है।
अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करने पर ईरान का जोर
मध्यस्थता प्रयासों में शामिल अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने नई वार्ता से पहले अमेरिकी नाकाबंदी को समाप्त करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहा है। ईरान की तरफ से पाकिस्तान द्वारा अमेरिका को भेजे गए इस प्रस्ताव में उसके परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को आगे के लिए टालने पर जोर दिया गया है। दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की यात्रा पर हैं।












