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नोट पर डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत क्यों छपने वाले हैं? असली कारण समझिए

अमेरिका में इस साल वह होने जा रहा है जो अब तक के इतिहास में नहीं हुआ है। इस साल के आखिर तक अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिग्नेचर होंगे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का सिग्नेचर डॉलर नोटों पर होगा। ट्रंप के सिग्नेचर वाले नोट अमेरिका की 250वीं वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी किया जाएगा।

डॉलर के नोट 1861 में शुरू हउए थे और तब से अब तक किसी भी नोट पर मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर नहीं पाए गए हैं। नोटों पर आमतौर पर अमेरिका के कोषाध्यक्ष और ट्रेजरी सचिव के सिग्नेचर होते हैं लेकिन आने वाले नए नोटों पर डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के सिग्नेचर होंगे। इस फैसले की चर्चा अब पूरी दुनिया में है।

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क्यों लिया यह फैसला?

इस फैसले की जानकारी देते हुए ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका आर्थिक विकास, डॉलर के लंबे समय तक इंटरनेशनल दबदबे और मजबूत वित्तीय स्थित की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे महान देश और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक उपलब्धियों को पहचान देने का इससे ज्यादा शक्तिशाली तरीका कोई नहीं है कि अमेरिकी डॉलर के नोटों पर उनका नाम हो और यह बिल्कुल उचित है कि यह ऐतिहासिक करेंसी देश की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी की जाएं।’

सिक्के पर ट्रंप की तस्वीर

अमेरिकी डॉलर पर अब तक किसी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर नहीं हुए हैं लेकिन अब ट्रंप इस परंपरा को तोड़ने वाले हैं। ट्रंप हर जगह अपनी छाप छोड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं। इससे पहले पिछले सप्ताह भी उन्होंने कुछ इसी तरह का फैसला लिया था। उनके ही एक सलाहकार आयोग ने सोने के सिक्के के डिजाइन को मंजूरी दी, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर होगी। यह सिक्का भी 4 जुलाई को जारी होगा। 4 जुलाई 1776 को अमेरिका की स्थापना हुई थी और अमेरिका की 250वीं सालगिराह पर ट्रंप की तस्वीर वाला यह सिक्का जारी होगा।

सिक्के के जिस डिजाइन को मंजूरी दी गई है उसकी एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप खड़े हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरी तरफ पंख फैलाकर बैठे हुए एक ईगल को दिखाया गया है। वह किसी घंटी जैसी चीज पर बैठा हुआ है। इस सिक्के की कोई करेंसी वैल्यू नहीं है और ना ही इसकी कीमत अभी जारी की गई हैष। हालांकि, माना जा रहा है कि इस सिक्के की कीमत 1,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है।

विरोधी कर रहे आलोचना

ट्रंप के इन फैसलों की उनके विरोधी आलोचना कर रहे हैं। ट्रंप के विरोधी इसे गैरकानूनी कह रहे हैं। उनका तर्क है कि ट्रंप के यह फैसले संघीय कानून के खिलाफ जाते हैं जिसमें कहा गया है कि कोई भी जीवित राष्ट्रपति अमेरिकी करेंसी पर नहीं दिखाया जा सकता। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सिक्के के बाद अब डॉलर नोट पर भी ट्रंप के सिग्नेचर होने की घोषणा कर दी है।

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क्या कहता है कानून?

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी कानून के कारण सवालों के घेरे में है। अमेरिकी कानून के अनुसार, मौजूदा राष्ट्रपति की तस्वीर नहीं हो सकती है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर भी करेंसी पर नहीं हो सकती है। हालांकि, कानून में यह प्रावधान है कि राष्ट्रपति की मौत के बाद उनकी तस्वीर करेंसी पर लगाई जा सकती है लेकिन उसके लिए भी मौत को कम से कम दो साल का समय पूरा होना चाहिए। अमेरिका के 30वें राष्ट्रपति के बाद से ऐसा किसी भी राष्ट्रपति के लिए नहीं किया गया है।

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