बागी तेवरों के बीच तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यश्र के अन्नामलाई ने गुरुवार को कुछ-कुछ अटकलों पर विराम लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि वह शुक्रवार को जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने इसको लेकर एक ट्वीट किया है।
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कल दोपहर 12 बजे, मैं सोशल मीडिया पर आप सभी से बातचीत करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं, ताकि अपने विचार शेयर कर सकूं और दिल से दिल की बात कर सकूं।’
नैनार नागेंथ्रन ने साफ की अटकलें
इस बीच तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन ने अन्नामलाई के सियासी भविष्य पर लग रही अटकलों को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अन्नामलाई ने नई पार्टी बनाने के बारे में किसी से कोई बात नहीं की है। नागेंथ्रन ने कहा कि अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ने की खबरें बेबुनियाद अफवाहें हैं और दोनों नेताओं के बीच कोई मतभेद नहीं है।
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अन्नामलाई ने इस्तीफा नहीं दिया
अन्नामलाई के बीजेपी छोड़कर अपनी नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्रन ने यह भी कहा कि उन्हें पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से कोई इस्तीफा नहीं मिला है। नागेंद्रन ने कहा, ‘बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मुझे अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। अन्नामलाई ने किसी से भी नई पार्टी बनाने के बारे में बात नहीं की है। इस बारे में हमारी उनसे बात नहीं हुई है ना ही उन्होंने हमसे कुछ कहा है।’
अन्नामलाई के इस्तीफे को लेकर अटकलों के बारे में पूछे जाने पर नागेंद्रन ने कहा, ‘आज मेरे प्रिय भाई अन्नामलाई को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके इस्तीफे की खबरें झूठी, निराधार और अफवाहें हैं।’
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी अन्नामलाई ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब उनके बीजेपी छोड़कर अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर यह खुलासा नहीं किया है कि बैठक में क्या चर्चा हुई।
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नई पार्टी बनाने की दिशा में हुई शुरुआत
बताया जा रहा है कि अन्नामलाई विधानसभा चुनाव से पहले AIADMK के साथ बीजेपी के गठबंधन को फिर से शुरू करने के फैसले से नाराज थे। वह गठबंधन पर निर्भर रहने के बजाय राज्य में बीजेपी को एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के तौर पर बनाने के पक्ष में थे। नाराजगी के बीच अन्नामलाई ने सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी की केंद्र सरकार पर निशाना साथा था। उन्होंने मोदी सरकार में CBSE विवाद, केंद्र के तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने पर चिंता जताई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई पार्टी बनाने की दिशा में अन्नामलाई ने शुरुआत कर दी है।












