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तुर्की से भारत लाया गया दाऊद का करीबी सलीम डोला,ड्रग नेटवर्क में बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद

  • इंटरपोल नोटिस के बाद इस्तांबुल में पकड़ा गया, विशेष विमान से दिल्ली लाया गया
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य एजेंसियां करेंगी पूछताछ

नई दिल्ली। भारत की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलीम डोला को देश वापस लाने में सफलता पाई है। डोला को तुर्की के इस्तांबुल में गिरफ्तारी के बाद मंगलवार तड़के विशेष विमान से दिल्ली लाया गया, जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे एजेंसियों की हिरासत में ले लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, डोला को हाल ही में तुर्की की खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए उसकी डिपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी कराई। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे उस अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि नार्को सिंडिकेट के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी ) ने तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि डोला कोई सामान्य तस्कर नहीं, बल्कि एक बड़े ट्रांसनेशनल ड्रग सिंडिकेट का अहम हिस्सा रहा है। उस पर आरोप है कि वह मध्य पूर्व से भारत तक फैले नेटवर्क के जरिए सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई में शामिल था। एजेंसियों के मुताबिक, उसके नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं और भारत में सक्रिय तस्करी चैनलों तक उसकी सीधी पहुंच थी। दिल्ली पहुंचने के बाद डोला को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। शुरूआती पूछताछ में एजेंसियां उसके नेटवर्क, सहयोगियों, फंडिंग चैनलों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

अधिकारियों का मानना है कि उससे पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं और ड्रग्स तस्करी के संगठित ढांचे का खुलासा हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, आगे की जांच के लिए सलीम डोला को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंपा जा सकता है। इसके अलावा अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर सकती हैं, ताकि उसके नेटवर्क की पूरी परतें खोली जा सकें। यह भी जांच की जा रही है कि क्या ड्रग्स तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोला की गिरफ्तारी और भारत लाया जाना ड्रग तस्करी के खिलाफ भारत की कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल देश में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एजेंसियों के बीच सहयोग की प्रभावशीलता भी सामने आएगी।

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