लखनऊ। राजधानी में इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजिस्ट्स,आईएसए यूपी द्वारा आयोजित आरए एक्सपर्ट मीट 2026 का आयोजन किया गया।जिसमें उत्तर भारत से सौ से अधिक चिकित्सकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय एनेस्थीसिया ( रीजनल एनेस्थीसिया-आरए ) के सुरक्षित, प्रभावी एवं व्यापक उपयोग को क्लिनिकल प्रैक्टिस में बढ़ावा देना रहा। बैठक में अल्ट्रासाउंड-गाइडेड तकनीकों,दर्द प्रबंधन और बेहतर मरीज परिणामों पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ.तनमय तिवारी ने कहा कि मरीज सुरक्षा हमेशा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और एनेस्थीसिया की हर तकनीक का उद्देश्य सुरक्षित उपचार,बेहतर रिकवरी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुनिश्चित करना है। इस दौरान बैठक में डॉ.दिव्या श्रीवास्तव पीजीआई, डॉ.ममता हरजाई लोहिया संस्थान ,डॉ.अपूर्वा अग्रवाल ,जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज,मोनिका कोहली केजीएमयू, डॉ. दीपक मालवीय,रशीद ,कैंसर इंस्टीट्यूट,अभिषेक कुमार, डॉ. संदीप साहू पीजीआई, डॉ. शिशिर अग्रवाल,अपोलो हॉस्पिटल्स सहित विभिन्न संस्थानों के अनेक वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सकों ने सहभागिता की।
प्रसूता माताओं के लिए बेहतर दर्द राहत
विशेषज्ञों ने बताया कि रीजनल एनेस्थीसिया, विशेषकर लेबर एपिड्यूरल, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित और प्रभावी दर्द राहत प्रदान करता है,जिससे प्रसव अनुभव अधिक सहज और आरामदायक बनता है।
कैंसर के फैलाव को कम करने में संभावित भूमिका
चर्चा में यह भी सामने आया कि कुछ कैंसर सर्जरी में रीजनल एनेस्थीसिया शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है तथा कैंसर के फैलाव को कम करने में संभावित भूमिका निभा सकता है।
मरीज सुरक्षा सर्वोपरि
विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि मानक प्रोटोकॉल, अल्ट्रासाउंड आधारित तकनीक और प्रशिक्षित विशेषज्ञों के माध्यम से मरीजों की सुरक्षा और बेहतर की जा सकती है। बैठक में यह संदेश दिया गया कि रीजनल एनेस्थीसिया केवल ऑपरेशन की तकनीक नहीं,बल्कि दर्द प्रबंधन,सुरक्षित उपचार और बेहतर रिकवरी का सशक्त माध्यम है।
आरए एक्सपर्ट मीट 2026 का आयोजन
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












