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‘मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है टोको मत’, हेले लिंग पर भड़क गए सिबी जॉर्ज

प्रधानमंत्री नरेंद्र सोमवार को यूरोपीय देश नॉर्वे के दौरे पर थे। इस दौरान वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला पत्रकार हेले लिंग ने पीएम मोदी से सवाल किया, जिसका वह जवाब दिए बिना ही निकल गए। हेले लिंग ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया और उसे अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद चर्चा हो गई कि पीएम मोदी ने मीडिया से सवाल नहीं लिया।

इस विवाद के बाद विदेश मंत्रालय ने डैमेज कंट्रोल का जिम्मा संभाला। डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी भारत के वरिष्ठ राजनयिक सिबी जॉर्ज (Sibi George) ने संभाली। बाद में नॉर्वे में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पत्रकार हेले लिंग को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में आमंत्रित किया।

पत्रकार और सिबी की तीखी नोकझोंक

इस प्रेस ब्रीफिंग में हेले लिंग पहुंची और उन्होंने सिबी जॉर्ज से सवाल पूछा, जिसके बाद पत्रकार और राजयनिक सिबी जॉर्ज की तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस पत्रकार को लोकतंत्र, मानवाधिकार, प्रेस की आजादी पर अच्छी सीख दी।

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हेले लिंग के सवाल

हेले लिंग ने भारत के विदेश मंत्रालय से पूछा, ‘जैसा कि हम अपनी साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं, हमें आप पर भरोसा क्यों करें, क्या आप वादा कर सकते हैं कि आपके देश में जो मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है उसे आप रोकने की कोशिश करेंगे।’

हेले के सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन-समझ लिया है और इसका उत्तर देंगे। इसपर हेले ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फौरन चाहिए। इसके बाद हेले लिंग के सवाल पर राजनियक सिबी जॉर्ज ने उन्हें भारत के इतिहास, भूगोल, दर्शन पर एक लंबी जानकारी दी।

‘ये मेरी प्रेस कॉफ्रेंस है’

सिबी जॉर्ज ने कहा कि कुछ लोग ignorant NGO की एक-दो रिपोर्टों के आधार पर सवाल पूछते हैं लेकिन भारत के विशाल पैमाने और विविधता को नहीं समझते। इस दौरान हेले लिंग बार-बार टोकती रहीं। तो जॉर्ज ने साफ कहा, ‘ये मेरी प्रेस कॉफ्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।’

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कौन हैं सिबी जॉर्ज?

सिबी जॉर्ज केरल के रहने वाले हैं। वह 1993 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस के अफसर हैं। सिबी ग्रैजुएशन में गोल्ड मेडलिस्ट। पॉलिटिकल साइंस में एमए और काहिरा की अमेरिकन यूनिवर्सिटी से अरेबिक लैंग्वेज में डिप्लोमा हैं। 2017 से 2020 तक सिबी जॉर्ज को स्विट्जरलैंड में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था। 2020 से 2022 तक सिबी कुवैत में राजदूत बनाए गए। यह समय गल्फ क्षेत्र में भारतीय प्रवासियों और एनर्जी डिप्लोमेसी के लिहाज से काफी अहम माना गया था।

कहां और कैसे किया काम?

इसके बाद सितंबर 2022 में उन्हें जापान में राजदूत नियुक्त किया गया। जापान में रहते हुए सिबी को इंडिया-जापान स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप, सप्लाई चेन कोऑपरेशन, डिफेंस कोऑपरेशन, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप, क्वाड कोऑपरेशन जैसे मुद्दों पर अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। इसके साथ ही सिबी के पोर्टफोलियो में मिस्र में पॉलिटिकल ऑफिसर, कतर में फर्स्ट सेक्रेटरी, पाकिस्तान में पॉलिटिकल काउंसलर, यूएसए में पॉलिटिकल और कमर्शियल काउंसलर, ईरान में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन और सऊदी अरब में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन जैसे पद भी हैं।

करीब-करीब 3 दशक की सेवा के बाद सिबी सितंबर 2025 से विदेश मंत्रालय में सेक्रेटरी (वेस्ट) के पद पर हैं। यह पद क्या है? विदेश मंत्रालय में अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और विषयों को संभालने के लिए कई सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी होते हैं। मसलन: सेक्रेटरी (वेस्ट), सेक्रेटरी (ईस्ट), सेक्रेटरी (इकोनॉमिक रिलेशंस), और सेक्रेटरी (कॉन्सुलर, पासपोर्ट एंड वीजा) जैसे पद शामिल हैं। सेक्रेटरी (वेस्ट) आमतौर पर भारत के यूरोप, पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के कुछ देशों के साथ रणनीतिक पश्चिमी साझेदार देशों से जुड़े कूटनीतिक मामलों को देखते हैं।

ऐसे में सिबी जॉर्ज अब तक अपनी पोर्टफोलियो और अपने कामों को लेकर चर्चा में रहते थे वह अब इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से दूसरी चर्चाओं में भी आ चुके हैं।


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