बिजनौर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर संजय कुमार सप्तम के मार्गदर्शन में सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में तंबाकू उन्मूलन एवं विधिक जागरूकता विषयक शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति बंद्रा ने की, जबकि संचालन डॉ. समीर भटनागर द्वारा किया गया। शिविर में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों तथा विभिन्न कानूनी अधिकारों एवं योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
सचिव स्वाति बंद्रा ने कहा कि तंबाकू उन्मूलन का उद्देश्य सिगरेट, बीड़ी, गुटखा एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन को समाप्त करना है। इसके लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थाएं और सामाजिक संगठन मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू की लत से मुक्ति दिलाने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा इसके नियंत्रण हेतु कड़े कानूनी प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए एसिड अटैक पीड़ितों, बच्चों के लिए बाल हितैषी कानूनी सेवाएं योजना-2024, मानव तस्करी एवं व्यावसायिक शोषण के शिकार व्यक्तियों के लिए संचालित योजनाओं से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता बताते हुए जरूरतमंद लोगों से इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रवीण सिंह देशवाल ने उपस्थित कर्मचारियों को निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तंबाकू में मौजूद निकोटीन अत्यधिक व्यसनकारी होता है। इसके सेवन से फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक तथा अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज और देश की अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
शिविर में मुख्य चिकित्साधिकारी कौलेन्द्र सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी के.पी. सिंह, आर.पी. विश्वकर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी फारूक अजीज, डीएसओ डॉ. प्रतीक किशोर, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के कर्मचारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक धनश्याम जुयाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया गया।












