एक तरफ छात्र जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। शाम को 14 विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सोनम वांगचुक से मिलकर उनका अनशन खत्म कराने की कोशिश के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचा लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या सरकार चाहती है कि सोनम अपना अनशन न तोड़ें?’
आपको बता दें कि सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अपने साथ ले गई थी। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें वहां से छुट्टी दे दी गई और आगे के इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां वह अब भी अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
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गीतांजलि ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा, ‘मैं इस वक्त मेदांता अस्पताल के बाहर खड़ी हूं। जैसा कि आप देख सकते हैं मेरे पीछे भारी पुलिस बल तैनात है। कल दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल से यहां शिफ्ट किया गया। कोर्ट ने साफ कहा था कि सोनम किसी तरह की हिरासत में नहीं हैं। उन्हें बेहतर इलाज और आजादी के माहौल के लिए यहां लाया गया है ताकि वहां जैसी पुलिस मौजूदगी यहां न हो।’
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह बेहद शर्मनाक है कि एक भारतीय नागरिक, जिसने पिछले 25 दिनों से कुछ नहीं खाया, उसे मानसिक शांति भी नहीं दी जा रही। उसे लगातार तनाव भरे माहौल में रखा जा रहा है। आज विपक्ष के सांसद यहां आए हैं। उनके पास सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र है, जिसमें सोनम से अनशन खत्म करने की अपील की गई है। अगर सरकार उन्हें सोनम से मिलने ही नहीं दे रही तो क्या सरकार चाहती है कि सोनम अपना अनशन खत्म न करें?’
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उन्होंने आगे कहा, ‘सोनम ने आज एक्स पर भी लिखा है कि वह तभी अपना अनशन खत्म करेंगे जब सांसद उनसे अपील करेंगे और भारत सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कोई गलत नहीं होगा। न कानूनी कार्रवाई होगी, न शारीरिक उत्पीड़न होगा, न FIR दर्ज की जाएगी और न ही किसी तरह की दूसरी कार्रवाई की जाएगी।’
मेदांता पहुंचा विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल
आपको बता दें कि 14 विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल पहुंचा। इसमें समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय के साथ पार्टी की युवा सांसद इकरा हसन और प्रिया सरोज भी शामिल थीं। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह के अलावा RJD, CPI और JMM के सांसद भी पहुंचे। हालांकि सांसदों को अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि को सौंपा, जिसमें सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की अपील की गई है।












