लखनऊ। सोमवार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर छत पर सवारी बैठाकर फर्राटा भर रही बस को परिवहन विभाग के प्रवर्त्तन दस्ते ने पकड़ लिया। नियमों का उल्लंघन करने पर एआरटीओ ने बस सीज कर दी। बस में क्षमता से चार गुना अधिक,कुल 167 सवारियां भरी हुई थीं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
जानकारी के मुताबिक एआरटीओ प्रवर्तन आलोक यादव की टीम ने चेकिंग के दौरान बस संख्या यूपी 11 बीटी 0077 को रोका। जांच में सामने आया कि बस का परमिट समाप्त हो चुका था और फिटनेस भी फेल थी। यह बस बिहार से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर होते हुए पटियाला, पंजाब जा रही थी।
परिवहन नियमों के अनुसार बस में केवल 30 सीट और 10 स्लीपर बर्थ की मान्यता है, यानी कुल 40 सवारी बैठ सकती हैं। जबकि मौके पर 167 यात्री ठूंस-ठूंस कर भरे मिले। बस सहारनपुर, यूपी में पंजीकृत है। लेकिन बिहार से पंजाब तक अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। जांच में यह भी पाया गया कि बस के शीशे और खिड़कियां मानकों के विपरीत बदली गई हैं। एआरटीओ आलोक यादव ने बताया कि यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस का संचालन किया जा रहा था। बस का एआईटीपी परमिट भी फेल पाया गया।
तत्काल कार्रवाई करते हुए बस का 1,52,000 रुपये का चालान किया गया और उसे सीज कर दिया गया। इस तरह के वाहनों से सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा है। ओवरलोडिंग और बिना परमिट चल रही बसें दुर्घटना को न्योता देती हैं। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।” पकड़ी गई बस को थाने में खड़ा करा दिया गया है। और सवारियों को दूसरी बसों से गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की गई।












