उतरौला (बलरामपुर)। नगर के सीबीएसई बोर्ड से संचालित टाइनी टॉट्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मजदूर दिवस के इतिहास, महत्व और श्रमिकों के योगदान के प्रति जागरूक करना था।
50 छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा: प्रतियोगिता में विद्यालय के करीब 50 विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। छात्रों ने निबंधों में मजदूर दिवस की तिथि, उद्देश्य, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, हेमार्केट घटना, अंतरराष्ट्रीय मान्यता और भारत में इसकी शुरुआत जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। बच्चों ने प्रभावशाली भाषा और उदाहरणों के साथ अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया।
प्रतियोगिता का संचालन शिक्षक अनिल कुमार गुप्ता और राशिद रिजवी के मार्गदर्शन में हुआ। शिक्षकों ने बच्चों को विषय की गहराई से समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
‘श्रमिक समाज की रीढ़’: विद्यालय के डायरेक्टर सैफ अली ने कहा कि मजदूर दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1886 में शिकागो में 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर हुए आंदोलन से हुई थी। हेमार्केट घटना श्रमिक अधिकारों के लिए अहम मोड़ साबित हुई। 1889 में पेरिस सम्मेलन के बाद 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की मान्यता मिली। भारत में इसकी शुरुआत 1923 में चेन्नई से हुई। उन्होंने कहा कि मजदूर समाज की रीढ़ हैं और उनके बिना विकास संभव नहीं है। हमें उनके श्रम का सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने प्रतिभागी छात्रों के प्रयासों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।












