प्रयागराज। माघ मेला–2026 के दौरान दिनांक 18 जनवरी 2026 (मौनी अमावस्या) को त्रिवेणी मार्ग पर धार्मिक यात्रा रोके जाने, सार्वजनिक मार्ग को जाम करने एवं कथित हमले की घटना के संबंध में दायर वाद में स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद एवं मुकुंदानंद सहित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम), कक्ष संख्या–5, प्रयागराज द्वारा उपलब्ध चिकित्सीय साक्ष्य एवं गवाहों को प्रथम दृष्टया पर्याप्त मानते हुए उक्त प्रकरण को सीधे परिवाद के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है, जिसके आधार पर न्यायालय में नियमित कार्यवाही जारी है।
इस प्रकरण में आज दिनांक 02 मई 2026 को मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के बयान न्यायालय के समक्ष विधिवत अंकित किए जाएंगे। यह कार्यवाही मामले की आगे की सुनवाई के लिए एक महत्वपूर्ण एवं निर्णायक चरण मानी जा रही है।
वादी पक्ष का आरोप है कि उक्त घटना के दौरान धार्मिक यात्रा को अवैध रूप से रोका गया, सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध कर जाम की स्थिति उत्पन्न की गई तथा शांतिपूर्ण अनुरोध के बावजूद कथित रूप से हिंसक हमला किया गया, जिसमें वादी एवं अन्य व्यक्तियों को चोटें आईं।
इसके अतिरिक्त, इसी प्रकरण से संबंधित गंभीर तथ्यों के आधार पर आज ही स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद एवं अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, प्रयागराज में एक नई फौजदारी याचिका भी दाखिल की जाएगी, जिसमें प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने एवं विस्तृत पुलिस विवेचना कराने का अनुरोध किया जाएगा। वादी के बयान दर्ज होने तथा नई याचिका दाखिल होने के पश्चात प्रकरण न्यायालय में विधि अनुसार आगे बढ़ेगा।












