Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)सिद्धार्थनगर में सामुदायिक शौचालय में गंदगी:दरवाजे टूटे, नल भी खराब, मानदेय न...

सिद्धार्थनगर में सामुदायिक शौचालय में गंदगी:दरवाजे टूटे, नल भी खराब, मानदेय न मिलने पर केयरटेकर ने छोड़ा काम


सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत महुईनानकार में बना सामुदायिक शौचालय बदहाल स्थिति में है। स्वच्छता अभियान के तहत निर्मित यह शौचालय उपयोग के लायक नहीं बचा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं और सीटों के अंदर कचरा भरा है। लंबे समय से साफ-सफाई न होने के कारण परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। देखरेख और रखरखाव की व्यवस्था न होने से यह शौचालय पूरी तरह उपेक्षित दिख रहा है। जानकारी के अनुसार, इस सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से एक केयरटेकर नियुक्त किया गया था। दीवार पर केयरटेकर का नाम और मोबाइल नंबर भी अंकित है, लेकिन वर्तमान में कोई देखरेख नहीं हो रही है। केयरटेकर आरती शर्मा ने बताया कि उन्हें पिछले कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने के कारण उन्होंने काम करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिना भुगतान के लगातार काम करना संभव नहीं है। गांव के निवासी मोहर यादव ने बताया कि सरकार की इतनी अच्छी योजना का यह हाल है कि लोग इसका उपयोग करने से भी कतराने लगे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस पर ध्यान देने की अपील की। एक अन्य ग्रामीण प्रहलाद ने बताया कि शौचालय की सफाई न होने से बदबू और गंदगी फैली रहती है। मजबूरी में लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। ग्रामीण हीरा सिंह का कहना है कि जब शौचालय बना था तो लोगों को काफी सुविधा हुई थी, लेकिन अब इसकी हालत देखकर लगता है कि कोई इसकी सुध लेने वाला नहीं है। इस संबंध में ग्राम प्रधान विनोद ने बताया कि केयरटेकर का मानदेय लंबित होने की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग से बात कर जल्द ही भुगतान की व्यवस्था कराई जाएगी। साथ ही, शौचालय की साफ-सफाई एवं मरम्मत का कार्य भी शीघ्र शुरू कराया जाएगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments