रंजीतपुर पावर हाउस उपकेंद्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब फीडर में अचानक भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा उपकेंद्र धुएं और लपटों से घिर गया। आसमान में उठते काले धुएं के गुबार ने आसपास के क्षेत्र में दहशत फैला दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि ट्रांसफार्मर, कंट्रोल पैनल, केबल और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण तेजी से चपेट में आने लगे। इसी दौरान धमाकों जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। सूचना के बावजूद दमकल की गाड़ियां मौके पर समय से नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने खुद ही मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। इस दौरान पंकज कुमार प्रजापति और उनकी टीम ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। धुएं, गर्मी और संभावित विस्फोट के खतरे के बीच कर्मचारियों ने बिना पीछे हटे कई घंटों तक मशक्कत की और अंततः आग पर काबू पा लिया। यदि कुछ और देर हो जाती तो पूरा पावर हाउस जलकर राख हो सकता था, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित हो जाती। घटना के बाद हजारों उपभोक्ताओं के सामने बिजली संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी में बिजली बाधित होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द आपूर्ति बहाल करने और उपकेंद्र की सुरक्षा मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। बिजली विभाग के इन कर्मचारियों की बहादुरी की हर ओर सराहना हो रही है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।
रंजीतपुर पावर हाउस में भीषण आग:कंट्रोल पैनल और केबल जले; कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर काबू पाया
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