सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत पिपरा फरदंग में लाखों रुपये की लागत से निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी सेंटर) अनुपयोगी साबित हो रहा है। स्वच्छता अभियान के तहत गांव के कचरे को एकत्रित कर व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से बनाया गया यह केंद्र दो साल से निष्क्रिय पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, दो वर्ष पूर्व बने इस आरआरसी सेंटर में आज तक एक बार भी कचरा संग्रहित नहीं किया गया है। केंद्र में न तो दरवाजा लगाया गया है और न ही इसका उचित रखरखाव किया गया है। छत पर लगी चादरें भी टूटकर उड़ चुकी हैं, जिससे भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। ग्राम प्रधान आशुतोष पांडे ने बताया कि सरकार ने आरआरसी सेंटर का निर्माण तो करा दिया है, लेकिन इसके संचालन, रखरखाव और गांव से कचरा एकत्र कर केंद्र तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि उचित व्यवस्था के अभाव में यह योजना गांव में पूरी तरह विफल हो रही है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर निराशा व्यक्त की है। रामानंद ने बताया कि केंद्र बनने के बाद लोगों को गांव में साफ-सफाई बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन आज तक इसका कोई लाभ नहीं मिला। शिवपूजन और लालजी ने भवन की बिगड़ती हालत और सरकारी धन की बर्बादी पर चिंता जताई। राजेश्वर ने कहा कि गांव में आज भी कचरा इधर-उधर फेंका जा रहा है, जिससे गंदगी फैल रही है और स्वच्छता अभियान का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आरआरसी सेंटर की तत्काल मरम्मत कराने और कचरा संग्रहण की नियमित व्यवस्था शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे गांव में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा और लाखों रुपये की लागत से बने केंद्र का सदुपयोग हो पाएगा।
सिद्धार्थनगर में लाखों का आरआरसी सेंटर बेकार:दो साल से नहीं हुआ कचरा संग्रहण, भवन जर्जर
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