लखनऊ। सफेद कोट पहने डॉक्टर सिर्फ पेशेवर नहीं, ईश्वर का दूसरा रूप हैं। जब महामारी में दुनिया थम गई,वे निडर खड़े रहे। कोरोना में पीपीई किट के पीछे पसीने से तर बतर चेहरे से भी वह अथक मेहनत करते रहे। ये बातें संरक्षक,हरी जीवन ने चिकित्सक दिवस पर कही।
बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर रस्तोगी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में कार्यरत सभी चिकित्सकों का आज सम्मान किया गया। सर्वप्रथम संरक्षक हरी जीवन के साथ सभी चिकित्सकों ने परिसर में महाराजा हरिश्चंद्र जी की दिव्य मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात सभी डॉक्टरों को पारंपरिक रूप से टीका लगाकर उपहार भेंट किये गये एवं लड्डू से मुंह मीठा कराया गया। इस अवसर पर यशोदा रस्तोगी बाल शिक्षा निकेतन की पूर्व प्रधानाचार्य डा रवि रस्तोगी ने सभी डॉक्टर्स का अभिनंदन करते हुए,समाज के प्रति की जा रही,उनकी सेवाओं की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टर जीवन के प्रहरी होते हैं। मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र नाथ रस्तोगी ने कहा कि वेनेजुएला के भूकंप में भीष्म क्यूब लेकर पहुंचने वाला जज्बा एवं गांव की झोपड़ी तक सेवा पहुंचाने वाली निष्ठा – यही डॉक्टर है। वे दर्द सुनते हैं, आंसू पोंछते हैं, उम्मीद जगाते हैं।
रस्तोगी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में डॉक्टरों का हुआ सम्मान
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