लखनऊ। राजधानी लखनऊ में दूसरे ज्येष्ठ बड़े मंगल पर इस मंगलवार को लक्ष्मणनगरी में भक्ति और भंडारे का बेहतरीन संगम दिखा। हालांकि बीते अन्य दो जेठ बड़े मंगल पर मौसम का तेवर काफी नरम था, तो इसलिये शुरूआत में भंडारे में चहल पहल बढ़ी हुइ दिखी।
जबकि इस बार दूसरे बड़े मंगलवार को सुबह होने के साथ सूरज का पारा एकदम से चढ़ता हुआ गया, और स्थिति यह रही कि दोपहर तक कड़ी धूप ने सबको परेशान कर दिया। लेकिन इन सबके बावजूद विशेषकर हनुमान जी के मंदिरों और जगह जगह लगे भव्य भंडारों में जिस तरह से लोगों का आवागमन बना रहा और उनकी सहभागिता दिखी, उससे यही प्रतीत हुआ कि इन सब विषम परिस्थितियों के चलते भी लोगों की आस्था सबसे ऊपर रही।

सूरज का पारा चढ़ा, फिर भी मंदिरों व भंडारों में लोगों का हुजूम उमड़ता दिखा
लक्ष्मणनगरी में सवेरे से ही हनुमान भक्ति धारा से जुड़े गीत संगीत, भजन, राम चरित मानस, सुंदरकांड पाठ का आयोजन शुरू हो गया। वहीं वातावरण में बरबस ही हनुमान चालीसा की पंक्तियां रामदूत अतुलित बल धामा, अंजनि पुत्र पवनसुत नामा…भक्तों को भाव विभोर कर दे रही थीं। मौसम के कड़े तेवर को ध्यान में रखते हुए इस बार कइ स्थानों कहीं गन्ने के जूस का तो कहीं आम से बने पना का भंडार चलता रहा।












