नवाबगंज क्षेत्र के सोराहिया, सहजरामपुरवा, जैतापुर सहित विभिन्न गांवों में इन दिनों भीषण गर्मी और बढ़ती तपिश के कारण तालाब व गड्ढे पूरी तरह सूख चुके हैं। वहीं सरयू नहर खंड-3 से संचालित नहरें और माइनर लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इससे किसानों की उड़द, मकई, पिपरमेंट समेत अन्य फसलें पानी के अभाव में खेतों में सूखने लगी हैं। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि नहरों में पानी न आने से सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बढ़ते तापमान के बीच पशु-पक्षी और छुट्टा जानवर भी पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। कई बार पानी की तलाश में छोटे जानवर मीलों दूर तक भटकते रहते हैं, लेकिन पानी न मिलने के कारण उनकी जान तक चली जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते नहरों का संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों के सामने फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नहर विभाग नानपारा में तैनात एई सरफताज से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि “अभी रोस्टर में डिमांड नहीं है, इसलिए नहर बंद है। हालांकि गर्मी बढ़ने के कारण पशु-पक्षियों और किसानों की समस्या को देखते हुए प्रयास कर नहर चालू कराई जाएगी।”
सूखी नहरों ने बढ़ाई मुसीबत:पानी को तरस रहे खेत और पशु-पक्षी, किसानों को सिंचाई में होगी परेशानी
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