रामपुर। प्रधानमंत्री के ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के विशेष आह्वान तथा मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी काफिलों में कमी लाने के निर्देशों का सीधा असर रामपुर में देखने को मिला।जिले के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने वीआईपी कल्चर को किनारे रखते हुए एक नई नजीर पेश की है।वह अपने सरकारी आवास से कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय तक बिना किसी काफिले के पैदल ही चलकर पहुंचे।डीएम का यह कदम सिर्फ ईंधन बचाने की एक सामान्य कवायद नहीं है,बल्कि आम जनमानस से लेकर पूरे प्रशासनिक अमले को ऊर्जा संरक्षण,पर्यावरण संतुलन और संसाधनों के संयमित उपयोग के प्रति जागरूक करने का एक बेहद सशक्त संदेश है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दी नसीहत
पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी ने अपने अधीनस्थों को स्पष्ट संदेश दिया है।उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें।डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही सुनिश्चित किया जाए।इसके साथ ही दैनिक शासकीय कार्यों में भी ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सकारात्मक व्यवहारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए,ताकि संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।

जनता की सहभागिता से साकार होगी परिकल्पना
प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन को एक सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जिलाधिकारी ने रामपुर के नागरिकों से भी सीधे तौर पर जुड़ने की अपील की है।उनका कहना है कि इस पुनीत कार्य में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।यदि जिले के सभी लोग संसाधनों के प्रति जिम्मेदार बनें और छोटे-छोटे पर्यावरण-अनुकूल प्रयासों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें,तो ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ एक स्वच्छ,हरित और स्वस्थ जनपद की परिकल्पना को पूरी तरह से साकार किया जा सकता है।












