लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।












