लखनऊ। कृष्णानगर इलाके में टप्पेबाजी करने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह की सरगना बिंदु उर्फ चिंकी और गिरफ्तार आरोपी नरसिंह आपस में सास-दामाद हैं। दोनों अपने साथी गीता देवी के साथ मिलकर समेत कई शहरों में महिलाओं को निशाना बनाते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 6 लाख रुपए कीमत की ज्वैलरी, 12 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल होने वाली बोलेरो गाड़ी बरामद की है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह की सरगना बिंदु उर्फ चिंकी है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में होटल, किराये के कमरे या झुग्गियों में अस्थायी रूप से रहकर वारदात करते थे।आरोपी बिना नंबर प्लेट की बोलेरो गाड़ी से शहर में प्रवेश करते थे। पुलिस के मुताबिक,यह गिरोह भीड़भाड़ वाले चौराहों, मेट्रो स्टेशन और ऑटो स्टैंड के आसपास सक्रिय रहता था।
आरोपी महिलाओं और छोटे बच्चों का सहारा लेकर लोगों का ध्यान भटकाते थे और फिर धक्का-मुक्की के बीच बड़ी सफाई से चैन, मंगलसूत्र और पर्स पार कर देते थे। एसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा की मौजूदगी में प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि 20 और 22 मई को कृष्णानगर थाना क्षेत्र में टप्पेबाजी की लगातार तीन घटनाएं सामने आई थीं। अवध चौराहे और आसपास के इलाके में महिलाओं के जेवर चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था।
डीसीपी दक्षिणी के निर्देशन में चार पुलिस टीमें गठित की गईं। वहीं एक टीम को सादे कपड़ों में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाया गया। पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के अहम सुराग मिले। इसके बाद शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर डूडा कॉलोनी आशाराम बापू मार्ग से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।












