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प्रशासनिक सेवा में बड़ा बदलाव: यूपीएससी 26 को तय करेगा यूपी का स्थाई डीजीपी

लखनऊ। यूपी में परमानेंट डीजीपी को लेकर 26 मई को फैसला होगा। संघ लोक सेवा आयोग मंगलवार को यूपी में डीजीपी का पैनल तय करने के लिए अपने कार्यालय में बैठक करेगा। इस बैठक में संघ लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष या उनकी ओर से नामित कोई सदस्य इसकी अध्यक्षता करेगा। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह सचिव, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल, केंद्रीय अर्ध सैनिक बल सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी या एनएसजी में से किसी एक फोर्स का डीजी जो यूपी कॉडर का ना हो, शामिल होगा।

दरअसल, यूपी में लंबे समय से परमानेट डीजीपी नहीं हैं। मुकुल गोयल यूपी के आखिरी स्थाई डीजीपी थे, जिन्हें 11 मई 2022 को हटा दिया गया था। उसके बाद से लगातार यूपी में कार्यवाहक डीजीपी तैनात हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक रिट पटीशन लंबित है। 19 मई को सुनवाई से पहले यूपी सरकार को इस बारे में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसमें सरकार की ओर से बताया गया कि यूपीएससी से पैनल के लिए अनुरोध किया गया है। जहां 26 मई को बैठक होनी है। 

स्थाई डीजीपी की दौड़ में सबसे आगे मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण ही नजर आ रहे हैं। राजीव कृष्ण पिछले साल 1 जून से प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी हैं। वे 11 आईपीएस अफसरों को सुपरसीड कर के कार्यवाहक डीजीपी बने थे। मौजूदा समय में राजीव कृष्ण से सीनियर केवल तीन अफसर रेणुका मिश्रा, आलोक शर्मा और पीयूष आनंद ही बचे हैं। इनसे सीनियर बाकी अफसर रिटायर हो चुके हैं। यूपीएससी को जो नाम भेजे गए हैं उनमें 30 साल की सेवा पूरी कर चुके सभी अफसरों के नाम भेजे गए हैं। 

सूत्रों की मानें तो रेणुका मिश्रा को प्रदेश सरकार ने डीजीपी की पोस्ट के लिए अनुप्युक्त माना है। इसकी वजह ये बताई गई है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष रहते हुए यूपी में सिपाही भर्ती का पेपर लीक हुआ था। संघ लोक सेवा आयोग की गाइडलाइन के अनुसार जिस आईपीएस अफसर की सेवा 6 महीने से कम बची होगी, उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। आलोक शर्मा मौजूदा समय में केंद्र में एसपीजी के डीजी हैं और अगले महीने की 30 तारीख को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। 

यूपीएससी वरिष्ठता क्रम के साथ साथ योग्य अफसरों को ही पैनल में शामिल करता है। वरिष्ठता के क्रम में अगर रेणुका मिश्रा और आलोक शर्मा के नाम हटा दिए गए तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर, डीजी एनडीआरएफ के पद पर तैनात पीयूष आनंद, मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण और डीजी जेल पीसी मीणा का नाम पैनल में शामिल हो सकता है। यूपी में बीते चार साल से कोई स्थाई डीजीपी नहीं है। 11 मई 2022 को तत्कालीन पूर्णकालिक डीजीपी मुकुल गोयल को सरकार ने हटा दिया था, उसके बाद से प्रदेश को कार्यवाहक डीजीपी ही मिलते रहे। 

हालांकि इस दौरान यूपीएससी ने प्रदेश सरकार को स्थाई डीजीपी की परमानेंट नियुक्ति के लिए पत्र भी भेजा और उसका रिमाइंडर भी, लेकिन राज्य सरकार ने स्थाई डीजीपी की नियुक्ति नहीं की। मुकुल गोयल के हटने के बाद डीएस चौहान को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया। इसके बाद दो महीने के लिए आरके विश्वकर्मा को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया। आरके विश्वकर्मा के बाद विजय कुमार और विजय कुमार के बाद प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी बने। प्रशांत कुमार बीते साल 31 मई को रिटायर हो गए थे। उनके बाद राजीव कृष्ण को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया।

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