उदवापुर ग्राम सभा के केदरापुरवा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक गिरजा शंकर महाराज ने पृथ्वी रक्षा प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी पर संकट बढ़ गया था, तब भगवान ने वराह अवतार धारण कर दुष्टों का संहार किया और पृथ्वी की रक्षा की। कथा के दौरान महाराज जी ने राजा जनक और माता सीता के जीवन से जुड़े कई प्रेरणादायक प्रसंग भी श्रद्धालुओं को सुनाए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। महाराज जी ने बताया कि श्रीमद्भागवत में कुल 18 हजार श्लोक हैं और प्रत्येक श्लोक में गहन ज्ञान और अनेक अर्थ समाहित हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां देवर्षि नारद ने दर्शन दिए, वहां भगवान के भी दर्शन हुए। जिन लोगों को नारद मुनि का सान्निध्य प्राप्त हुआ, उन्हें किसी न किसी रूप में भगवान की कृपा और दर्शन अवश्य मिले। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए।
उदवापुर केदरापुरवा में भागवत कथा जारी:गिरजा शंकर महाराज ने सुनाया पृथ्वी रक्षा का प्रसंग
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