हरैया सतघरवा के मथुरा बाजार स्थित कुदरगोडवा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा पारस नाथ तिवारी के आवास पर चल रही है। मथुरा-वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक निरंकार महाराज प्रवचन कर रहे हैं। निरंकार महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि गृहस्थ आश्रम में रहते हुए व्यक्ति को भगवान की भक्ति के साथ-साथ माता-पिता, गुरु और गो सेवा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि गो सेवा से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। कथावाचक ने आगे कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतार लेते हैं। भगवान की कथा सुनने मात्र से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे सद्गति प्राप्त होती है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास महाराज द्वारा रचित रामचरितमानस की चौपाई “बड़े भाग्य मानुष तन पावा। सुर दुर्लभ यह ग्रन्थहि गावा।” का भी उल्लेख किया। महाराज ने इसका अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव शरीर बड़े सौभाग्य से मिलता है, जिसके लिए देवता भी धरती पर जन्म लेने को आतुर रहते हैं। इस धार्मिक आयोजन में पारस नाथ तिवारी, अंगद तिवारी, राजेश कुमार, विनोद और सतीश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कुदरगोडवा में श्रीमद्भागवत कथा जारी:निरंकार महाराज बोले- गो सेवा और भक्ति से मिलता है मोक्ष
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