लखनऊ। शायर बशीर बद्र को श्रद्धांजलि दी गई। प्रेस क्लब में ‘इत्तेहाद ए मिल्लत’ ने शोकसभा का आयोजन किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शायरों, समाजसेवियों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। महान शायर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीके तिवारी, सिराज मेहंदी, इंसराम अली और सर्वेश अस्थाना समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए सिराज मेहंदी ने कहा कि बशीर बद्र उर्दू अदब की ऐसी बुलंद आवाज थे, जिन्होंने अपनी शायरी के माध्यम से मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे का संदेश दुनियाभर में पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उनकी शायरी करोड़ों लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। एक कवि का सिर्फ शहरीर मरता है उसके अल्फाज हमेशा जीवित रहते हैं। उनका निधन साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
इंसराम अली ने संबोधन में कहा कि बशीर बद्र का जाना केवल उर्दू शायरी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सांस्कृतिक और साहित्यिक संसार के लिए बड़ी क्षति है। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेम, सौहार्द और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती रहेंगी। उन्होंने अपनी शायरी में समाज का दर्द बयान किया। एक आम आदमी के जीवन में जो कुछ होता है, वह बद्र की शायरी में नजर आता है।
सर्वेश अस्थाना ने कहा कि बशीर बद्र शब्दों के ऐसे जादूगर थे, जिन्होंने अपनी गजलों में जीवन के दर्द, प्रेम की गहराई और रिश्तों की गर्माहट को बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। उनकी रचनाएं उन्हें सदैव लोगों के बीच जीवित रखेंगी।शोक सभा के दौरान कई शायरों ने बशीर बद्र के मशहूर अशआर पढ़कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत शायर को श्रद्धांजलि दी गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।












