यूपी: उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश के Additional Advocate General UP कुलदीप पति त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री और राज्य कैबिनेट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अधिवक्ताओं के हितों को मजबूत करने और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
हाईटेक इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स पर सरकार का फोकस
कुलदीप पति त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार न्यायिक ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में हाईटेक इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की स्थापना की जा रही है, जहां अधिवक्ताओं, वादकारियों, न्यायिक अधिकारियों और मुंशियों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे न्यायिक क्षेत्र में एक उल्लेखनीय पहल बताया।
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चंदौली में हुई आधुनिक न्यायिक ढांचे की शुरुआत
प्रेस नोट के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को चंदौली में हाईटेक इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ किया गया था। इस आधुनिक न्यायिक ढांचे का उद्देश्य अदालतों, न्यायाधीशों के कक्षों और अधिवक्ताओं के चैंबर को एक ही छत के नीचे लाकर न्यायिक कार्यों को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है।
अधिवक्ता कल्याण योजनाओं को भी मिला बढ़ावा
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि सरकार अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। अधिवक्ता मृतक आश्रितों को अधिवक्ता कल्याण निधि से पांच लाख रुपये की सहायता, आयु सीमा में वृद्धि, विभिन्न जिलों में नए चैंबरों का निर्माण और अधिवक्ता सुविधाओं का विस्तार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही अधिवक्ताओं की चैंबर संबंधी समस्याओं का समाधान होगा और ये सभी पहलें भविष्य में न्यायिक क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।
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