मुंबई। हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष समारोह को सम्बोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पत्रकारों को भ्रामक खबर देने से बचना चाहिए।
दादर स्थित रविंद्र नाट्य मंदिर में ‘मुंबई हिंदी पत्रकार संघ’ की ओर से आयोजित ‘हिंदी सेवा सम्मान समारोह’ में बोलते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है। इसलिए पत्रकारों को किसी भी खबर के तथ्यपरक के बाद ही प्रकाशित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता ‘संक्रमण’ की अवस्था से गुजर रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में पत्रकारिता अपने सामाजिक दायित्व मूल्यों के साथ जनता के बीच फिर स्थान बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय स्वतंत्रता सेनानियों ने हिंदी पत्रकारिता के माध्यम से स्वतंत्रता की अग्नि प्रज्ज्वलित किया करते थे। पहला हिंदी अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’ बंगाल से निकाला गया। हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला हुआ है, हिंदी भाषा देश को जोड़ती है। लेकिन हमें दूसरी भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए। आज के दौर में बहुभाषी होना बहुत महत्वपूर्ण है। मराठी भाषी बाबूराव पराड़कर ने उत्तर प्रदेश में जाकर हिंदी की सेवा की और दशकों तक संपादक का दायित्व निभाए।
हिंदी और मराठी भाषा का अटूट बंधन: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी और मराठी भाषा का अटूट बंधन छत्रपति शिवाजी महाराज के दौर से बनी हुई है, जब शिवाजी का राज्याभिषेक करने के लिए काशी से गागा भट्ट को बुलाया गया था। भाषा के विरोध से वोट तो मिलेगा लेकिन हमारी ज्ञान की परंपरा खत्म हो जाएगी। दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल है। अंग्रेजी में पढ़कर कोई ‘साहब’ नहीं बन सकता, हमें प्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा में देना होगा।
ब्रजेश पाठक बोले- हिंदी हृदय से निकलती है..
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर यूपी से पधारे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा इस कार्यक्रम की गूंज केवल महाराष्ट्र-उत्तर प्रदेश नहीं पूरे देश में जाएगी। उन्होंने कहा कि कानपुर के एक युवा साथी ने आज के कोलकाता से पहला हिंदी अखबार ‘मार्तण्ड’ निकाला, अब वो मार्तण्ड धीरे-धीरे एक ‘मील का पत्थर’ साबित होकर पूरे दुनिया में हिंदी पत्रकारिता जगत का जब इतिहास लिखा जाएगा ये हम सब जानते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता कठिन दौर से गुजर रहा है। तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद हिंदी पत्रकारिता ने अपने अस्तित्व को बरकरार रखा है। पाठक ने ये भी कहा, ‘हिंदी’ हृदय से निकलती है लेकिन हमें क्षेत्रीय भाषाओं के साथ चलना होगा।
‘हिंदी’ देश को एक सूत्र में बांधती है: अमित साटम
वहीं, भाजपा मुंबई के अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम ने कहा कि 1826 में हिंदी का पहला अखबार ”उदन्त मार्तण्ड” निकाला गया। पूरी दुनिया में तीसरी भाषा हिंदी बोली जाती है। हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि एकता का प्रतीक है जो देश को एक सूत्र में बांधती है। अमित साटम ने कहा कि 1826 में हिंदी का पहला अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’ निकाला गया। पूरी दुनिया में तीसरी भाषा हिंदी बोली जाती है। हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि एकता का प्रतीक है जो देश को एक सूत्र में बांधती है।
इस अवसर पर पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पत्रकार गंगाधर ढोबले, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति लखनऊ के हेमंत तिवारी, कुमुद संघवी चावरे, अवधेश व्यास, प्रो।राम मोहन पाठक व फ़िल्म अभिनेता विनीत कुमार सिंह को हिंदी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई भाजपा महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, विधायक राजहंस सिंह, विधायक मुरजी पटेल, विधायक संजय उपाध्याय, भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय, संतोष आरएन सिंह, योगायतन ग्रुप ऑफ कंपनी के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह, उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह व मुंबई के प्रतिष्ठित श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के महासचिव विजय सिंह कौशिक ने प्रस्तावना में संघ के कार्यों की जानकारी दी। अध्यक्ष आदित्य दुबे के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार सिंह, सुरेंद्र मिश्र, हरिगोविंद विश्वकर्मा, सैयद सलमान, अखिलेश तिवारी, अखिलेश मिश्रा, शैलेश तिवारी व अशोक शुक्ला ने जी जान से मेहनत की।












