डुमरियागंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत डुमरियागंज-चंद्रदीप घाट मार्ग का निर्माण तीन साल पहले 42 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। अब यह सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिस पर दरारें और गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लगभग 18 किलो मीटर लंबी उक्त सड़क डुमरियागंज को चंद्रदीप घाट से जोड़ती है। इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के समय क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब कई हिस्से खराब हो गए हैं। जिससे राहगीर एवं स्थानीय लोग परेशान हैं। विशेष रूप से, परसपुर बंजारडीह गांव के पास इस सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। यहां सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है और छोटे-छोटे गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों को आवागमन में विभिन्न प्रकार की परेशानी हो रही है। नागरिकों का यह आरोप है कि सड़क के निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया था, जिसके कारण उक्त सड़क समय से पहले ही खराब हो रही है। दिनेश कुमार, अमरनाथ, रामदास, नौशाद मलिक, परवेज अहमद सहित कई स्थानीय लोगों ने सड़क की टूट-फूट की पुष्टि की है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की समीक्षा करने और अनियमितताओं पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। नागरिकों ने सार्वजनिक धन से बनी परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि जनता को उनका दीर्घकालिक लाभ मिल सके। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत कराने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने का भी अनुरोध किया है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) डुमरियागंज के अधिशाषी अभियंता विवेक कुमार राय ने बताया कि सड़क के कुछ स्थानों पर क्षति की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि विभागीय टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कराया जाएगा।
तीन वर्ष में ही टूट गया डुमरियागंज-चंद्रदीप घाट मार्ग:42 करोड़ की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
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