मोहनलालगंज। साधन सहकारी समितियों पर सर्वर की समस्या से किसानों को खाद नही मिल पा रही है। लिहाजा सैकड़ों किसान खाद के लिए पिछले कई दिन से समितियों के चक्कर काटते फिर रहे हैं। आलम यह है कि समितियों पर दिन भर में कही एक बोरी तो कही पांच बोरी खाद ही वितरित हो पा रही है। सारा दिन इंतजार के बाद दर्जनों किसानों को मायूस होकर खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।
मोहनलालगंज तहसील के दोनो ब्लॉक की साधन सहकारी समितियों पर सर्वर की समस्या किसानों को खाद वितरण में बाधा अटका रही है। जिसकी वजह से रोपाई के बाद धान की फसल में खाद डालने के लिए दर्जनों किसान भटकते फिर रहे हैं। साधन सहकारी समिति गौरा में गदियाना से आए किसान महेश लालता दुलारी जगतपाल और शेखर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक समिति पर बैठकर खाद मिलने का इंतजार करते रहे।
लेकिन सर्वर नही आने से ई पॉस मशीन से उन्हें खाद नही मिल सकी। बदन खेड़ा के गेंदालाल व गौरा के बेचनलाल और रामसागर ने बताया खेत में धान की पौध बढ़ रही है। तीन दिन से खाद के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सर्वर की समस्या बताकर बैरंग लौटाया जा रहा है। साधन सहकारी समिति परेहटा का कई कई दिन ताला ही नही खुल रहा है।
रघुनाथ खेड़ा और गौतम खेड़ा समिति में भी सर्वर की समस्या से गिनती के किसानों को ही खाद वितरण किया जा सका। फत्तेखेड़ा और गढ़ा समिति पर भी सर्वर की समस्या से पूरे दिन में तकरीबन दो दर्जन किसानों को ही खाद वितरित की जा सकी। जिसे लेकर किसानों ने जिला प्रशासन और सरकार से तुरंत समस्या का समाधान कराने की गुहार लगाई है। एसडीएम आकाश सिंह ने बताया समस्या की जानकारी मिली है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों से बातचीत की गई है। किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा।
खतौनी में गड़बड़ी से नही हो रही फार्मर रजिस्ट्री ,किसानों को खाद के लाले
मोहनलालगंज तहसील के 230 राजस्व गांवों में सैकड़ों किसानों की खतौनी में नाम की छोटी मोटी गड़बड़ी से उनकी फार्मर रजिस्ट्री नही हो पा रही है। उधर फार्मर रजिस्ट्री के अभाव में इन किसानों को सहकारी समितियों और लाइसेंस प्राप्त प्राइवेट दुकानों से फार्मर रजिस्ट्री कराकर आने के लिए दौड़ाया जा रहा है।
लिहाजा परेशान सैकड़ों किसान अपनी समस्या लेकर कृषि विभाग और तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। सर्वाधिक समस्या बटाई पर खेतों की बुवाई कर रहे किसानों को हो रही है जिन्हें खाद के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन की ओर से तहसील और कृषि विभाग में अब तक किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए कोई पहल नही की जा रही है।












