नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग पहुंचा। पार्टी ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को कानून और संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए नामांकन बहाल करने की मांग की।
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई लंबित आपराधिक मामला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एक नोटिस जारी हुआ था, जिस पर अदालत को अभी संज्ञान लेना था। ऐसे में नामांकन पत्र में उसका उल्लेख करना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं था।
सिंघवी ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 33ए के तहत केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना आवश्यक है, जिनमें दो वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो और अदालत आरोप तय कर चुकी हो। नटराजन के मामले में इनमें से कोई भी शर्त लागू नहीं होती। ऐसे में नामांकन निरस्त करना पूरी तरह गलत और अवैध है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को निरस्त कर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बहाल करने की मांग की।
नामांकन विवाद पर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, फैसले को बताया गैरकानूनी
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