सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र स्थित श्री समाधि बाबा रामजानकी मंदिर एवं विद्या विनोद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय महुलानी परिसर में 5 जुलाई 2026 को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से हो रहा है। विद्यालय की स्थापना के 99 वर्ष पूरे होने और 100वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में शताब्दी स्वर्ण जयंती महोत्सव के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस वर्ष भी सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया जा रहा है। समिति का कहना है कि यज्ञोपवीत संस्कार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि इसे भारतीय संस्कृति, अनुशासन, ज्ञान और नैतिक जीवन की दिशा में पहला वैदिक संस्कार माना जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में संस्कारों के प्रति श्रद्धा, परिवार एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व तथा सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। समिति ने स्पष्ट किया है कि संस्कार ग्रहण करने वाले किसी भी परिवार से कोई शुल्क या आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाएगा। परंपरा के अनुसार प्राप्त होने वाली “बड़का भिक्षा” और अन्य वस्त्र सामग्री सभी बालकों एवं उनके अभिभावकों को प्रदान की जाएगी। आयोजन समिति ने क्षेत्र के नागरिकों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और धर्मप्रेमी लोगों से अधिक से अधिक योग्य बालकों को इस संस्कार में शामिल कराने की अपील की है। समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विद्वानों का मार्गदर्शन भी होगा। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक एवं संस्कृत माध्यमिक विद्यालय धर्मसिंहवा के पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य पं. इंद्रासन मिश्र ने कहा कि यह आयोजन नई पीढ़ी को सभ्य समाज और श्रेष्ठ राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगा, साथ ही उन्हें अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से जोड़ेगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष और मंदिर के महंत बाबा अनिल दास जी, प्रधानाचार्य पं. रामकिंकर त्रिपाठी, विनय त्रिपाठी तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
शताब्दी महोत्सव में 5 जुलाई को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार:श्री समाधि बाबा रामजानकी मंदिर में होगा आयोजन, वैदिक परंपराओं से जुड़ेंगे बच्चे
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