अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा है कि ईरानी की हत्यारी सत्ता ने 45 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों मार डाला जो सिर्फ प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि अगर इन आतंकियों के पास परमाणु बम होता तो वह बेहद खतरनाक होता और वह ऐसा कभी नहीं होने देते। उन्होंने यह भी कहा है कि अब अमेरिका को मिडिल ईस्ट की कोई जरूरत नहीं है और ना ही उनका तेल चाहिए, फिर भी वह मदद करने को तैयार हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान की एयरफोर्स तबाह हो चुकी है, नेवी भी खत्म हो गई और उसके कई नेता मारे जा चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकाते हुए कहा है कि उस पर और भीषण हमले किए जाएंगे और अगले दो-तीन हफ्तों में उसे ‘पाषाण युग’ में पहुंचा दिया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि बातचीत हो रही है लेकिन अगर कोई डील नहीं होती है तो ईरान पर जबरदस्त हमले होंगे और वहां बिजली पैदा करने वाले हर प्लांट पर एक साथ हमला किया जाएगा।
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क्या-क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कहा है, ‘इस हत्यारी सत्ता ने अपने ही 45 हजार लोगों को मार डाला क्योंकि वे प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में अगर इन आतंकियों के पास परमाणु बम होता तो उस खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। तब धरती की यह सबसे हिंसक सत्ता एक न्यूक्लियर शील्ड के पीछे से आतंक वाले काम, हिंसा और सामूहिक हत्याकांड करने के लिए फ्री हो जाती और मैं ऐसा होने नहीं दे सकता था।’
अमेरिका की पूर्व सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, ‘यह स्थिति पिछले 47 साल से बनी हुई है और इसे मेरे राष्ट्रपति बनने से पहले ही हैंडल किया जाना चाहिए था। मैंने अपने दो कार्यकाल में कई काम किए ताकि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोका जा सके। सबसे अहम शायद यह था कि मैंने अपने पहले कार्यकाल में जनरल कासिम सुलेमानी को मारा। वह एक खतरनाक जीनियस, ब्रिलियंट आदमी और खतरना इंसान था लेकिन वह सड़कछाप बम का बाप था। अगर वह जिंदा होता तो शायद आज मैं कुछ अलग बातें कर रहा होता लेकिन आप इतना जानिए कि हम फिर भी जीतेंगे और बड़ी जीत हासिल करेंगे।’
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‘ना इजरायल होता, ना मिडिल ईस्ट’
बराक ओबामा की सरकार पर तंज कसते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैंने बराक हुसैन ओबामी की न्यूक्लियर डील कैंसल की क्योंकि वह बकवास थी। ओबामा ने इन लोगों को को 1.7 बिलियन डॉलर कैश में दिए ताकि इनसे इज्जत और भरोसा हासिल किया जाए लेकिन यह सब फेल हो गया। वे हमारे राष्ट्रपति पर हंसे और अपना न्यूक्लियर बम बनाने का मिशन जारी रखा। उनकी न्यूक्लियर डील के चलते ईरान के पास परमाणु हथियारों का जखीरा हो सकता है। वे कई साल पहले ही परमाणु बम बना चुके होते और उनका इस्तेमाल भी कर चुके होते और तब दुनिया बेहद अलग होता। अगर मैंने यह डील न कैंसल की होती तो ना तो कोई मिडिल ईस्ट होता और ना ही कोई इजरायल होता। मैंने वह काम किया जो कोई राष्ट्रपति नहीं कर पाया। उन लोगों ने गलतियां कीं, मैं उन्हें सुधार रहा हूं।’
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