लखनऊ। आज आप सब यहां से आगे की दुनिया में कदम रख रहे हैं। अब आपके सामने सिर्फ किताबें नहीं,बल्कि असली जीवन के वे चेहरे होंगे जहां उम्मीद भी है,चिंता भी है और भरोसा भी। ये बातें संस्थान के निदेशक प्रो.डॉ0 सीएम.सिंह ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों से कहा।
सोमवार को डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का तृतीय दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ हुआ। इस दौरान अतिथियों का चंदन के पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। डॉ0 सीएम.सिंह ने कहा कि आप डॉ. आर.एम.एल. की उस सोच को अपने साथ लेकर जाएं जिसमें मरीज केवल उपचार का विषय नहीं,बल्कि पूरी संवेदना का केंद्र होता है। क्योंकि चिकित्सा की सबसे बड़ी सफलता किसी रिपोर्ट में नहीं,बल्कि किसी की राहत में दिखाई देती है।
राज्य मंत्री,संसदीय कार्य,चिकित्सा शिक्षा,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा छात्रों को स्वस्थ एवं मस्त रहना चाहिए। और समाज से प्राप्त करने के पश्चात् उसे वापस समाज को शिखर तक पहुचाने में सहयोग देना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री,चिकित्सा शिक्षा,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण बृजेश पाठक भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई दी और इस बात का आश्वासन दिया कि सरकार सदैव आपके साथ हैं। दीक्षांत समारोह के दौरान डीएम, एमसीएच, एमडी, एमएस, एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग तथा एमएससी न्यूक्लियर मेडिसिन के विद्यार्थियों को शैक्षणिक पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गये। इस अवसर पर चांसलर मेडल, डायरेक्टर मेडल सहित अन्य 24 पदकों का वितरण किया गया। कुल 26 पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गये। इसके अतिरिक्त प्रो0 राजन भटनागर, विभागाध्यक्ष, एनाटॉमी विभाग को उत्कृष्ट अध्यापक के सम्मान से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
अब आपके सामने सिर्फ किताबें नहीं,बल्कि असली जीवन होंगे: प्रो .डॉ0 सीएम
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