श्रावस्ती में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 62वीं वाहिनी ने सीमावर्ती युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक पहल की है। नागरिक कल्याण कार्यक्रम 2026-27 के तहत, 62वीं वाहिनी एसएसबी, भिनगा ने समवाय तरूस्मा में 16 दिवसीय मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के दिशानिर्देश में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के लिए जीवंत ग्राम तरूस्मा और जानकीनगर से कुल 15 युवाओं का चयन किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को मोटर वाहन संचालन से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह का ज्ञान दिया जाएगा। इससे उन्हें भविष्य में ड्राइविंग को आजीविका के एक साधन के रूप में अपनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर, कार्यवाहक कमांडेंट एवं द्वितीय कमान अधिकारी ललेंद्र रत्नाकर ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। रत्नाकर ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और अर्जित कौशल का सदुपयोग कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक कमांडेंट श्री राहुल भरत माली, प्रेरणा फाउंडेशन से श्री संजय, प्रशिक्षणार्थी युवक और वाहिनी के अन्य अधिकारी एवं कार्मिक भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे जनकल्याणकारी और कौशल विकास कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
एसएसबी ने मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण का शुभारंभ किया:सीमावर्ती युवाओं को मिलेगा रोजगार का हुनर, 16 दिवसीय कार्यक्रम
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