लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी की उ.प्र.राज्य कमेटी ने अपनी दो दिवसीय बैठक के समापन पर शुक्रवार को बयान जारी किया है। बैठक में वर्तमान राजनीतिक,आर्थिक व सामाजिक परिस्थितियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राज्यव्यापी जनसंघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक के प्रारंभ में अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में अग्निकांड में मारे गए युवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। बैठक में कहा गया किसानों,छोटे व्यापारियों और उद्योगों के हितों के खिलाफ हैं। बिजली जैसी आवश्यक सेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने का उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं देना नहीं,बल्कि निजी कॉरपोरेट घरानों के मुनाफे को बढ़ाना है। निजीकरण से बिजली महंगी होगी,कर्मचारियों की नौकरी और सेवा शर्तों पर हमला होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और अधिक प्रभावित होगी। राज्य कमेटी ने प्रदेश में स्मार्ट मीटरों की जबरन स्थापना तथा बिजली दरों में दस प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए इसे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला निर्णय बताया। बैठक ने इन मुद्दों पर व्यापक जन जागरण अभियान चलाने तथा जनता को संगठित कर चरणबद्ध आंदोलन विकसित करने का फैसला किया। बैठक ने किसान और मजदूर संगठनों द्वारा देशव्यापी अभियान के तहत दस अगस्त को आयोजित ‘जेल भरो आंदोलन’ का पूर्ण समर्थन करने का निर्णय लिया तथा पार्टी की सभी राज्य, जिला और स्थानीय इकाइयों से इस आंदोलन में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। बैठक में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की भी समीक्षा की गई तथा आगामी दिनों में जनता के बीच व्यापक राजनीतिक अभियान चलाने, जनसंपर्क बढ़ाने और जनसंघर्षों को तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्टी की ओर से पोलित ब्यूरो सदस्य एवं सांसद कामरेड अमराराम, केंद्रीय सचिवालय सदस्य कामरेड विक्रम सिंह, केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड हीरालाल यादव तथा राज्य सचिव कामरेड रविशंकर मिश्र सहित राज्य कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे। अध्यक्षता कामरेड डीपी सिंह ने की।
जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा:विक्रम सिंह
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