HomeHealth & Fitnessनए रोस्टर के अनुसार, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा नहीं करेंगी एमपी-एमएलए से जुड़ी...

नए रोस्टर के अनुसार, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा नहीं करेंगी एमपी-एमएलए से जुड़ी सुनवाई

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय के ग्रीष्मावकाश के समापन के बाद एक जुलाई से अदालतों का नियमित कामकाज फिर शुरू होगा। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने न्यायाधीशों का नया रोस्टर जारी कर दिया है। नए रोस्टर में सांसदों (एमपी) और विधायकों (एमएलए) के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई से संबंधित पीठ में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।

नए रोस्टर के अनुसार, अब सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई का दायित्व जस्टिस मनोज जैन को सौंपा गया है। इससे पहले इन मामलों की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा कर रही थीं। उनके कार्यकाल में कई चर्चित मामलों पर सुनवाई हुई, जिनमें दिल्ली आबकारी नीति (एक्साइज पॉलिसी) से जुड़ा मामला प्रमुख रहा।

दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ चर्चा में रही थी। इस दौरान केजरीवाल ने न्यायाधीश पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनसे मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग करने का अनुरोध किया था।

हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग करने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने उनकी पीठ के समक्ष सुनवाई का बहिष्कार किया। बाद में प्रशासनिक स्तर पर यह मामला आगे की सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को सौंप दिया गया।

नए रोस्टर के तहत जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को सिविल रिट मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। उनके समक्ष अब कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न, सूचना का अधिकार (आरटीआई) तथा अन्य संबंधित मामलों से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई होगी। इसके अलावा वे खनन, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमीशन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संबंधित रिट याचिकाओं पर भी सुनवाई करेंगी।

उच्च न्यायालय का नया रोस्टर एक जुलाई से प्रभावी होगा। इसके साथ ही विभिन्न विषयों से संबंधित मामलों की सुनवाई नई पीठों के समक्ष निर्धारित दायित्वों के अनुसार शुरू होगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments