महराजगंज जिले के पनियरा विकास खंड की ग्राम पंचायत सोहास में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम मेदनीपुर निवासी उमेश प्रसाद ने गोरखपुर मंडल के आयुक्त के समक्ष शपथ-पत्र प्रस्तुत कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शपथ-पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान ग्राम पंचायत को मिले विकास कार्यों के लिए लाखों की धनराशि कूटरचित और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाली गई। इसमें राजलक्ष्मी ह्यूम पाइप, मां लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिका इलेक्ट्रॉनिक्स और विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज जैसी कई फर्मों को भुगतान किया गया। आरोप है कि ये फर्में शासन के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करती हैं। फॉरेंसिक जांच की मांग की गई शिकायत में यह भी उल्लेख है कि ग्राम प्रधान ने पंचायत के विकास कार्यों के लिए मिली धनराशि का उपयोग अपने निजी विद्यालय में कार्य कराने में किया। इसे एक गंभीर अनियमितता बताया गया है। इसके अतिरिक्त, विकास कार्यों से संबंधित अधिकांश बिल-बाउचरों पर ग्राम प्रधान के बजाय उनके पति के हस्ताक्षर होने का आरोप है, जिसकी फॉरेंसिक जांच की मांग की गई है। eGram Swaraj पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं का हवाला देते हुए बताया गया है कि इन्हीं वित्तीय वर्षों में स्वच्छता अभियान और इंडिया मार्का हैंडपंप मरम्मत के नाम पर भी भारी धनराशि निकाली गई। हालांकि, वास्तविकता में अधिकांश कार्य केवल कागजों पर दिखाकर फर्जी तरीके से भुगतान किया गया। शपथ-पत्र में यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण उनके प्रभाव के चलते गांव के लोग और जिला स्तरीय अधिकारी खुलकर विरोध नहीं कर पाते हैं। शिकायतकर्ता ने जनहित में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।
महराजगंज में विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा:लाखों के फर्जी बिल-बाउचर से भुगतान, निजी स्कूल में निधि खर्च का आरोप
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