बहराइच के मिहींपुरवा तहसील के ग्राम भगड़िया में सोमवार को एक राहत चौपाल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य संभावित बाढ़ के दौरान जन-धन की हानि को कम करना और ग्रामीणों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना था। उपजिलाधिकारी राम दयाल की उपस्थिति में ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव, राहत व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। चौपाल में बताया गया कि शासन और जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। प्रत्येक 10 बाढ़ प्रभावित गांवों का एक क्लस्टर बनाकर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों और बच्चों की सूची तैयार कर उनकी विशेष निगरानी की जाएगी। ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ता, सफाईकर्मी, ग्राम पंचायत अधिकारी और स्वयंसेवकों की टीमें गठित कर व्हाट्सएप समूह बनाए जा रहे हैं। इससे बाढ़ संबंधी चेतावनी और आवश्यक सूचनाएं तत्काल गांवों तक पहुंचाई जा सकेंगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि जनपद में 44 बाढ़ चौकियां, 48 सामुदायिक रसोई, 45 राहत वितरण केंद्र और 43 बाढ़ शरणालय चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 511 ग्राम सभाओं में नावों की व्यवस्था भी उपलब्ध है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। प्रशासन ने जानकारी दी कि सभी बाढ़ प्रभावित तहसीलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसी भी समस्या का त्वरित समाधान हो सके। सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर और शरणालय बनाए जा रहे हैं। साथ ही, तटबंधों, जर्जर पुलियों, सड़कों और विद्युत खंभों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि अर्ली वार्निंग सिस्टम से बाढ़ संबंधी कोई सूचना मिलने पर बिना देरी किए प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें। उन्होंने बाढ़ के दौरान बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने तथा प्रशासन का पूरा सहयोग करने का भी आग्रह किया। इस राहत चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
भगड़िया में राहत चौपाल आयोजित:बाढ़ से बचाव और राहत व्यवस्था पर ग्रामीणों को किया जागरूक
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