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लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर ग्लोबल वार, अमेरिका-कनाडा समेत कई देशों में 24 गिरफ्तार

अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने अन्य देशों की खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरनेशनल नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। इस अभियान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग समेत कई संगठित अपराध नेटवर्क को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के दौरान 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हाल के कुछ सालों में इंटरनेशन क्राइम के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। इस कार्रवाई के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कमजोर होने की संभावना है।

इस पूरे अभियान को ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम दिया गया है। कई साल तक चली जांच के बाद अमेरिका, कनाडा, स्पेन और अन्य देशों की एजेंसियों ने मिलकर एक साथ छापेमारी की है। इस दौरान तीन अलग-अलग मामलों में कुल 37 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए। इनमें से 24 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 10 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ये आरोपी अमेरिका, भारत और यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में छिपे हुए हैं।

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ड्रग्स और हथियार बरामद

इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने करीब एक टन कोकीन, एक किलो हेरोइन, लगभग 40 हजार डॉलर नकद और 12 हथियार बरामद किए। इसके अलावा सैक्रामेंटो और लॉस एंजिलिस समेत कई शहरों में दर्जनों ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से इंटरनेशन लेवल पर काम करने वाले अपराधी गिरोहों को बड़ा झटका लगा है।

लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप

जांच में सबसे गंभीर आरोप लॉरेंस बिश्नोई पर लगाए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि भारत की जेल में बंद होने के बावजूद वह मोबाइल फोन और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपने गैंग को चलाता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसका नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ था और हत्या, फिरौती, नशे की तस्करी, अपहरण और मानव तस्करी जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप है। जांच में यह भी कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई खुद को सार्वजनिक तौर पर राष्ट्रवादी और धार्मिक छवि वाले व्यक्ति के रूप में पेश करता था, लेकिन उसके गिरोह पर कई गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के आरोप हैं।

हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का जिक्र

जांच में 18 जून 2023 को कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी जिक्र किया गया है। अधिकारियों का आरोप है कि इस हत्या की साजिश लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ ने रची थी। हालांकि, इस मामले में अदालत का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। कनाडा ने साल 2025 में बिश्नोई संगठन को आतंकी संगठन घोषित किया था। इसके बाद से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर और ज्यादा निगरानी रखी जा रही थी।

सोशल मीडिया पर डर का साम्राज्य

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गिरोह सोशल मीडिया और सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों में डर का माहौल बनाता था। कारोबारी, धार्मिक नेता और राजनीतिक हस्तियां इनके निशाने पर रहती थीं। कैलिफोर्निया में कई लोगों से हिंसा की धमकी देकर बड़ी रकम मांगने के भी आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि यह गिरोह नशे की तस्करी से भी करोड़ों रुपये कमाता था। इतना ही नहीं, दूसरे अपराधी गिरोहों की ड्रग्स की खेप लूटकर भी अपना नेटवर्क मजबूत करता था। जांच में 2024 और 2025 के बीच 520 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन से जुड़े मामलों में भी इस गैंग का नाम सामने आया है।

इन गिरोहों की पर भी आंच

इस कार्रवाई में सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई गैंग ही नहीं, बल्कि जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े गिरोह और कनाडा के वैंकूवर में सक्रिय रविंदर सिंह धांधा के ड्रग तस्करी नेटवर्क पर भी कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के एक हजार से ज्यादा सदस्य और सहयोगी भारत, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन में सक्रिय हैं। इस गिरोह पर सुपारी लेकर हत्या, नशे की तस्करी, अपहरण, अवैध हथियारों का कारोबार और फिरौती जैसे गंभीर आरोप हैं।

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वहीं, रविंदर सिंह धांधा के नेटवर्क पर साउथ कैलिफोर्निया से कनाडा तक हर हफ्ते बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करने का आरोप लगाया गया है। जांच में इस नेटवर्क को 430 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन की तस्करी से जोड़ा गया है। इस मामले में अभी जांच जारी है।

इस अभियान में कौन-कौन से देश शामिल?

इस पूरे अभियान में अमेरिका की एफबीआई, लॉस एंजिलिस पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस, अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसी, ड्रग रोधी एजेंसी (DEA), होमलैंड सिक्योरिटी, स्पेन की गार्डिया सिविल समेत कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया। अधिकारियों ने कहा कि इंटरनेशनल लेवल पर संगठित अपराध के खिलाफ आगे भी इसी तरह की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सभी आरोप जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।


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