दिल्ली के रामलीला मैदान में शनिवार, 4 अप्रैल को शिक्षकों का एक विशाल आंदोलन आयोजित किया गया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में देशभर के हजारों शिक्षक अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए, जिसमें ‘टीईटी’ नियम का विरोध प्रमुख था। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों के शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। आंदोलन में शिक्षकों ने ‘टीईटी’ (शिक्षक पात्रता परीक्षा) नियम का विशेष रूप से विरोध किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने इसे संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर यह नियम लागू करना अन्यायपूर्ण है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद से हजारों शिक्षक दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। सिद्धार्थनगर से इंद्रसेन सिंह, सुधाकर मिश्रा और अभय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी इस आंदोलन में मौजूद रहे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक समुदाय अपने अधिकारों के प्रति सजग है। रैली को संबोधित करते हुए सिद्धार्थनगर के सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सांसद पाल ने जोर देकर कहा कि सरकार संवाद, समाधान और संवेदनशीलता के साथ शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में शिक्षक सम्मानित और सुरक्षित हैं। इस अवसर पर टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा सहित कई अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
दिल्ली में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन:सिद्धार्थनगर के शिक्षकों ने पहुंचकर ‘TET’ नियम का किया विरोध, सांसद जगदंबिका पाल ने किया संबोधित
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