उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के प्रबंधन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट पहली बार मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने जा रहा है। इस पद पर आवेदन मांगे गए हैं और योग्यता की जानकारी भी दी गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र searchcommittee.srjbt@gmail.com पर मेल कर सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि इस पद के लिए महिला उम्मीदवारों पर भी विचार किया जा सकता है। ट्रस्ट का कहना है कि चयन योग्यता के आधार पर होगा और अगले 30 दिनों के भीतर नए CEO के नाम पर फैसला लिया जा सकता है।
नए सीईओ की नियुक्ति के लिए ट्र्सट ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें सिक्किम हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और बिजनेसमैन सुरेश हवारे शामिल हैं। इस पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 30 दिनों के भीतर इस नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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महिलाएं भी कर सकती हैं आवेदन
इस पद के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है और आवेदन मांगे गए हैं। अधिसूनचना के अनुसार यह तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट होगा और अच्छा काम करने पर आगे भी समय अवधि बढ़ाई जा सकती है। ट्रस्ट का कहना है कि चयन योग्यता के आधार पर होगा और अगले 30 दिनों के भीतर नए CEO के नाम पर फैसला लिया जा सकता है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी मंदिर के दैनिक प्रशासन, कर्मचारियों के कामकाज, श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं और संस्थागत संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा।
CEO सीधे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा। ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि इस पद के लिए पुरुष और महिलाएं दोनों अप्लाई कर सकते हैं। दोनों के लिए यह पद समान रूप से खुला है। यदि कोई महिला सभी तय योग्यताओं और अनुभव को पूरा करती है, तो उसे भी CEO बनाया जा सकता है। जानकारों का मानना है कि अभी तक ट्रस्ट में कोई महिला सदस्य नहीं है ऐसे में किसी महिला को इस प्रमुख पद पर बैठाकर संदेश दिया जा सकता है।
हिंदू मंदिर प्रबंधकों को दी जाएगी प्राथमिकता
राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO का पद सृजित किया है। ट्रस्ट की ओर से जारी पात्रता के अनुसार, आवेदक सनातन धर्म का पालन करने वाला, भगवान राम में आस्था रखने वाला होना चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन, प्रबंधन या बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव भी जरूरी है। चयन योग्यता, अनुभव और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। साफ है कि इस पद के लिए हिंदु धार्मिक संस्था के प्रबंधन के अनुभव को वरीयता दी जाएगी।
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चढ़ावा चोरी के बाद बना पद
हाल ही में मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया। ट्रस्ट का मानना है कि एक पेशेवर CEO नियुक्त होने से कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। इसी उद्देश्य से पहली बार यह पद बनाया गया है। ट्रस्ट ने इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई तय की गई है। इसके बाद चयन समिति सभी आवेदनों की समीक्षा करेगी और योग्य नामों पर विचार करेगी।












