पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ हुई एफआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायक की गई थीं। मंगलावर को इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन छात्रों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जांच के बारे में कहा है कि इसके लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा सकता है। साथ ही, पहले से दर्ज FIR पर जांच जारी रखने की अनुमति देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कह दिया है कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
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