
फ़िरोज़ाबाद, स्कूल संचालको की मनमर्जी के कारण अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर किताब कॉपी और ड्रेस की अनिवार्य बिक्री के खिलाफ आधा दर्जन स्कूलों पर हुई छापेमारी में किताबो की बिक्री होते पाया गया
अभिभावक संगठन की मुहिम के दौरान सोमवार को सुहागनगरी के करीब आधा दर्जन प्राइवेट स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संगठन की शिकायत पर संयुक्त छापेमारी की गयी।
की गयी कार्यवाही में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय एवं जिला विद्यालय निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार मौजूद रहे। जिन्होंने छापेमारी के दौरान किड्स कॉर्नर स्कूल के परिसर से बड़ी मात्रा में किताबो की बिक्री करते हुए पाया गया। जिस पर बीएसए द्वारा नोटिस जारी कर सम्बन्धित जगह को सीज कर दिया गया। इसके अलावा अधिकारियों को लिटिल इंटरनेशनल स्कूल, शिशु भारती स्कूल महावीर नगर, ग्लोबल एवं प्लैटिनम स्कूल में भी जाँच के समय स्कूल परिसर से किताबो की बिक्री होने के प्रमाण मिले है। इसके अलावा सुभाष तिराहे स्थित नगर पालिका मार्केट में सच्चा बच्चा बुक सेंटर व बच्चा बुक सेंटर पर भी विभाग द्वारा कार्यवाही की गयी। जहाँ यह बात सामने आयी कि स्कूलों द्वारा चुनिंदा दुकानों के माध्यम से किताबे बेची जा रही थी।
जाँच के दौरान यह भी पाया गया कि कई बुक सेलर्स अपनी मनमानी करते हुए बिना जीएसटी बिल के किताबे बेच रहे है। जिसके द्वारा अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। और कर नियमो का उल्लंघन भी हो रहा है।
उक्त सभी प्रकरण शासनादेश वर्ष 2018 का खुला उल्लंघन है। जिसमे स्कूल परिसर से किताब , कॉपी एवं ड्रेस की अनिवार्य बिक्री रोक लगाई गई है। बाबजूद इसके इन प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा बच्चो के अभिभावकों को मनमानी कीमतों पर किताबे, ड्रेस व जूते आदि लेने को मजबूर किया जाता है। जिसके कारण मध्यम वर्ग के परिवारों पर बच्चो को शिक्षा दिलाने के नाम पर कर्ज लेकर स्कूल में दाखिला दिलाने को विवश होना पड़ता है।
अभिभावक संगठन ने फ़िरोज़ाबाद के जिलाधिकारी रमेश रंजन से मांग करते हुए कहा है, कि ऐसे स्कूल संचालको एवं सम्बन्धित बुक सेलर्स के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए, जिसमें भारी जुर्माना, लाईसेंस निरस्तीकरण एवं स्कूल की मान्यता समाप्त करने जैसी कार्यवाही शामिल होनी चाहिये। जिससे भविष्य में कभी ऐसे स्कूल संचालक बच्चो को शिक्षा दिलाने के नाम पर अभिभावकों की गाड़ी कमाई को न लूट सके। ऐसी नजीर स्थापित हो सके।
संगठन का कहना है। कि शिक्षा को व्यापार नही बनने दिया जायेगा। और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान निरन्तर जारी रहेगा।
अभिभावक संगठन की पहल रंग लाई, आधा दर्जन स्कूलों पर हुई छापेमारी
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