चेहल्लुम के अवसर पर मंगलवार को नासिरगंज से निकला 32 किलोमीटर लंबा ‘सफ़र-ए-इश्क़-ए-इमामे हुसैन’ पैदल जुलूस अकीदत के साथ संपन्न हो गया। यह जुलूस बहराइच स्थित शाही करबला में ज़ियारत के बाद शाम लगभग 7 बजे सकुशल नासिरगंज वापस लौटा। सुबह 5 बजे हुसैनिया इमामबाड़ा, नासिरगंज से शुरू हुआ यह जुलूस रास्ते में कौमी एकता की मिसाल पेश करते हुए आगे बढ़ा। पदयात्रियों ने जगह-जगह जलपान ग्रहण किया। पदयात्री बहराइच के सलारगंज स्थित बीबी ज़ैनब (अ.स.) के रौज़े पर पहुँचे। यहाँ अकीदतमंदों ने ज़ियारत की और नज़राने-अकीदत पेश किए। इसके बाद जुलूस सीधा शाही करबला की ओर बढ़ा। शाही करबला पहुँचकर अकीदतमंदों ने विशेष दुआएँ मांगी और इमाम हुसैन (अ.स.) के मुकद्दस बलिदान को याद किया। धार्मिक अनुष्ठानों और ज़ियारत के बाद जुलूस की वापसी हुई और शाम 7 बजे सभी पदयात्री नासिरगंज पहुँच गए। पूरे सफर के दौरान अनुशासित माहौल रहा और पुलिस प्रशासन की निगरानी में यह यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
32 किमी पैदल ‘सफ़र-ए-इश्क़-ए-इमामे हुसैन’ जुलूस संपन्न:नासिरगंज लौटा, अकीदतमंदों ने की ज़ियारत
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