रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार (6 अगस्त) से शुरू हो रहा है। सत्र से पहले बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सदन की कार्यवाही से ज्यादा चर्चा रांची में जारी छात्र आंदोलन और JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर रही।
सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से जल्द बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की मांग की। माना जा रहा है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा पूरे मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सबसे बड़ा राजनीतिक टकराव बनेगा।
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों से तत्काल वार्ता करने का आग्रह किया। उन्होंने नियुक्ति घोटाले पर सदन में कम से कम दो घंटे की विशेष चर्चा कराने के साथ राज्य में सूखे की स्थिति पर विस्तृत बहस कराने की भी मांग की।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो, आजसू विधायक निर्मल महतो और लोजपा विधायक सुरेश पासवान समेत विभिन्न दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी दलों ने लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप सदन चलाने पर सहमति जताई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विधानसभा जनता की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सर्वोच्च मंच है। सरकार जनहित के हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा, जवाबदेही और सकारात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल राज्यहित को सर्वोपरि रखते हुए सदन की कार्यवाही को सफल बनाएंगे।
6 से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में कुल पांच कार्य दिवस होंगे। सरकार 7 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। इसके अलावा छात्र आंदोलन, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, कानून-व्यवस्था, सूखे की स्थिति और अन्य जनहित के मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने के पूरे आसार हैं।












