महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से खुले खाने के तेल की बिक्री पर अपने निर्देशों को लागू करते समय नरमी बरतने को कहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मिलावट के खिलाफ कार्रवाई पारंपरिक तेल व्यापारियों और छोटे रिटेलर्स की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।(Maharashtra CM Asks FDA to Go Easy on Loose Oil Directives, Seeks SOP to Protect Traders)
फडणवीस ने कहा कि FDA से मिलावट से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने के लिए कहा जाएगा, साथ ही यह भी पक्का किया जाएगा कि नए निर्देशों से पारंपरिक तेल व्यापारियों के बिजनेस पर बुरा असर न पड़े।
मुख्यमंत्री का दखल तब आया जब राज्य कैबिनेट में FDA की सख्त कार्रवाई के छोटे व्यापारियों और कंज्यूमर्स, खासकर उन लोगों पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई गई जो कम मात्रा में खाने का तेल खरीदते हैं।
फडणवीस ने कहा कि सरकार का मकसद खाने की क्वालिटी और सेफ्टी बनाए रखना है, लेकिन इसे लागू करने में व्यापारियों और गरीब कंज्यूमर्स के हितों का भी ध्यान रखना होगा।
कमिश्नर तुकाराम मुंधे की अगुवाई वाली FDA ने हाल ही में खुले या बिना सील वाले खाने के तेल की बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की थी, जिसमें मिलावट, असुरक्षित पैकेजिंग और प्रोडक्ट के सोर्स का पता लगाने में मुश्किलों की चिंताओं का हवाला दिया गया था।
मुख्यमंत्री की बातों से पता चलता है कि सरकार नियमों को लागू करने में नरम रवैया अपना रही है, जिसमें सरकार खाने की चीज़ों में मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छोटे बिज़नेस और कस्टमर्स को निर्देशों के तुरंत असर से बचाने की ज़रूरत के बीच बैलेंस बनाना चाहती है।
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