Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)जमीन पर कब्जे के आरोप में विधवा का धरना:श्रावस्ती में दूसरे पक्ष...

जमीन पर कब्जे के आरोप में विधवा का धरना:श्रावस्ती में दूसरे पक्ष ने पुराने समझौते का दिया हवाला


श्रावस्ती के दक्षिणी बलिदानपुरवा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। एक विधवा महिला ने अपनी जमीन पर कथित कब्जे का आरोप लगाते हुए 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं, दूसरे पक्ष ने पुराने समझौते और न्यायालय में विचाराधीन मामले का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। धरने पर बैठी महिला समा देवी का आरोप है कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने प्रशासन के समक्ष जमीन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का दावा किया है। कथित आरोप है शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। वह जमीन को कब्जे से मुक्त कराने और राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही हैं। दूसरी ओर, सुंदरलाल यादव ने समा देवी के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, जिसका आपसी सहमति से समाधान किया गया था। सुंदरलाल के मुताबिक, उन्होंने लगभग 40 वर्ष पूर्व समा देवी के परिवार से यह जमीन खरीदी थी। बाद में विवाद बढ़ने पर एक बिस्वा जमीन वापस कर दी गई थी। सुंदरलाल यादव ने बताया कि वर्ष 2020 में गांव के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच एक सुलह-समझौता हुआ था। इस समझौते में जमीन संबंधी सभी विवादों और लेन-देन को समाप्त करने पर सहमति बनी थी। सुंदरलाल यादव ने यह भी बताया कि जमीन से जुड़ा यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच की जाए। इस जमीन विवाद में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। एक पक्ष जहां कथित कब्जा हटाने की मांग को लेकर धरने पर है, वहीं दूसरा पक्ष पुराने समझौते और न्यायालय में लंबित मामले का हवाला दे रहा है। ऐसे में, इस विवाद की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल प्रशासन अग्रिम कार्रवाई में जुटा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular