लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय तथा परिवहन आयुक्त, द्वारा दिये गये निर्देशों,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) में BS-I, BS-II एवं BS-III मानकों वाले End of Life (EOL) वाहनों के विरूद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही नही करने के कारण एवं प्रगति अत्यन्त न्यून एवं असंतोषजनक पाये जाने के कारण एन.सी.आर. क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले जनपदों के निम्नलिखित 13 अधिकारियों को परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने“विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि” प्रदान की है।
सुधांशु रंजन, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रथम दल, मेरठ, विपिन कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), बागपत,अमित राजन राय, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), प्रथम दल, गाजियाबाद, अंकिता शुक्ला, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), द्वितीय दल, गाजियाबाद, आकांक्षा सिंह पटेल, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), तृतीय दल, गाजियाबाद,विनीत कुमार मिश्र, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), चतुर्थ दल, गाजियाबाद,नीतू शर्मा, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), द्वितीय दल, बुलन्दशहर,अभिषेक कनौजिया, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), प्रथम दल, गौतमबुद्धनगर ,उदित नारायण, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), द्वितीय दल, गौतमबुद्धनगर, नन्द कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), तृतीय दल, गौतमबुद्धनगर, रमेश कुमार चौबे, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), हापुड़, अजय मिश्र, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), मुजफ्फरनगर, प्रवेश कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), शामली को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की है।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि 13 मार्च 2026 को आयोजित वायु गुणवत्ता प्रबन्धन आयोग 24 वीं बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) में End of Life (EOL) वाहनों के निरुद्धीकरण तथा अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्र (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप किये जाने की अपेक्षा की गयी। इस सम्बन्ध में परिवहन आयुक्त द्वारा एन.सी.आर. क्षेत्र के प्रत्येक जनपद में प्रतिदिन लगभग 500 वाहनों के निरुद्धीकरण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 10 वर्ष से अधिक आयु के डीजल तथा 15 वर्ष से अधिक आयु के पेट्रोल वाहनों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही कर ऐसे वाहनों को निरुद्ध करते हुए अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्र में भेजे जाने के स्पष्ट निर्देश प्रदान किये गये।
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में End of Life (EOL) वाहनों के निरुद्धीकरण/स्क्रैपिंग किये गये वाहनों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि एन.सी.आर. क्षेत्र में मात्र 666 वाहनों को ही निरुद्ध किया गया है।












