श्रावस्ती के भिनगा तहसील क्षेत्र के भुजंगा गांव में गुरुवार को चेहल्लुम का पर्व पूरे धार्मिक श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। मोहर्रम के 40वें दिन मनाए जाने वाले इस अवसर पर गांव से ढोल-नगाड़ों के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। यह ताजिया जुलूस भुजंगा गांव से शुरू होकर कैन नाला स्थित कर्बला तक पहुंचा। जुलूस के दौरान लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए दुआएं कीं और अमन-चैन की कामना की। कर्बला में धार्मिक परंपराओं के अनुसार फातिहा पढ़ी गई और अन्य रस्में अदा की गईं। इस आयोजन में भुजंगा, खपरीपुर, बधाई पुरवा, बन्ठिहवा, बौरिहवा, गंडरा, गंडरही, राम प्रसाद पुरवा, पांडेय पुरवा सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने भी जुलूस में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे मार्ग पर अकीदतमंदों ने ताजियों का इस्तकबाल किया और इमाम हुसैन की शहादत को खिराज-ए-अकीदत पेश की। चेहल्लुम हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाता है। इस दिन अकीदतमंद उनकी कुर्बानी, सब्र, इंसाफ और इंसानियत के संदेश को याद करते हुए समाज में भाईचारा और शांति बनाए रखने का संकल्प लेते हैं। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे। उनकी निगरानी में ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर लोगों ने देश और समाज में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
श्रावस्ती के भुजंगा में चेहल्लुम का ताजिया जुलूस:इमाम हुसैन की शहादत को याद कर मांगी अमन-चैन की दुआ
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